बिजली के निजीकरण का टल सकता है फैसला…योगी कैबिनेट की आज की मीटिंग स्थगित
लखनऊ। प्रदेश के लगभग 45 जिलों के बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर जिस फैसले पर पूरे उत्तर प्रदेश की निगाहें लगी हुई हैं वह संभवतः टल सकता है. बिजली…
बेबाक : ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष का प्रस्तावित निजीकरण पर व्याख्यान! (Part-3)
मित्रों नमस्कार! पिछले अंक में आपके द्वारा यह पढ़ा गया कि कहीं प्रस्तावित निजीकरण के पीछे उपरोक्त घाटे के साक्ष्यों को मिटाना तो नहीं है? पिछले लगभग 24 वर्षों से…
यदि “निजीकरण का ज्ञान” देने वाले लोग सरकारी सेवा को त्याग करके निजीकरण जॉइन कर ले…. तो “यूपीपीसीएल मीडिया” कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है आपके साथ
अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल महोदय ने इतना लक्ष्यदार बढ़िया बात बताते हुए प्राइवेटाइजेशन संबंधित अच्छी ज्ञान देते हुए लाभांश बताते नहीं थकते … तो इस संदर्भ में बताना चाहूंगा…
बेबाक : ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष का प्रस्तावित निजीकरण पर व्याख्यान! (Part-2)
मित्रों नमस्कार! पिछले अंक में आपके द्वारा यह पढ़ा गया कि किस प्रकार से ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष महोदय द्वारा ऊर्जा निगमों के निजीकरण की आवश्यकता एवं उससे कार्मिकों को…
उत्तर प्रदेश में रद्द की गई बिजली कर्मियों की छुट्टी, निजीकरण के विरोध के बीच पावर कारपोरेशन का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं क्योंकि दक्षिणांचल और पूर्वांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में आंदोलन की आशंका है। प्रबंधन…
मध्यांचल, पश्चिमांचल और केस्को में नहीं किया जायेगा पीपीपी मॉडल लागू, हमारी कोई योजना नहीं- डॉ़ आशीष कुमार गोयल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ़ आशीष कुमार गोयल ने निजीकरण विरोध को देखते हुए सफाई दिया कि मध्यांचल, पश्चिमांचल और केस्को को ट्रिपल-पी मॉडल पर चलाने की…
बेबाक : ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष का प्रस्तावित निजीकरण पर व्याख्यान! (Part-1)
मित्रों नमस्कार! ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष महोदय का ऊर्जा निगमों के प्रस्तावित निजीकरण पर दिया गया मैराथन व्याख्यान सुना। जिसमें उनके द्वारा एक अध्यापक की तरह निगमों के कार्मिकों को…
निजीकरण की चर्चा के बीच बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका देने की कर रही है तैयारी
लखनऊ। अभी बिजली इकाइयों के निजीकरण की चर्चा हो ही रही थी कि इस बीच बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका देने वाली है… सूत्रों की माने तो…
बेबाक : क्या निजीकरण वाला जिन्न, उपभोक्ता देवो भव: (विकास) की आड़ में जनता के धन के सुनियोजित बन्दरबाट का एक बहाना तो नहीं है… (Part-2)
मित्रों नमस्कार! पिछले अंक में बेबाक द्वारा यह प्रश्न उठाया गया था कि जिस विभाग में 5 से 6 हजार करोड़ प्रति वर्ष की दर से, एक लाख करोड़ से…
बेबाक : क्या निजीकरण वाला जिन्न, उपभोक्ता देवो भव: (विकास) की आड़ में जनता के धन के सुनियोजित बन्दरबाट का एक बहाना तो नहीं है… (Part-1)
मित्रों नमस्कार! पिछले अंक पर कुछ प्रतिक्रियायें प्राप्त हुई हैं जिसमें कुछ मित्रों के द्वारा कार्मिक संगठनों की भूमिका एवं निजीकरण के लाभ एवं हानि के बारे में जानना चाहा…















