नोएडा में ‘नियम ऑफ’ और ‘रिश्वत ऑन’ मॉडल बेनकाब- पोस्टिंग के नाम पर ₹60 लाख की अवैध वसूली, पोल शिफ्टिंग में करोड़ों का खेल

बिजली विभाग का नोएडा सर्किल अब बिजली आपूर्ति का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार आपूर्ति का हब बनता जा रहा है। पोस्टिंग के नाम पर लाखों की वसूली, बिना प्राक्कलन पोल शिफ्टिंग, सरकारी खाते में पैसा जमा न कराना और शिकायतों को दबाने का खेल

यूपीपीसीएल मीडिया के पास कॉल डिटेल और ऑडियो साक्ष्य — न्यायालय में पेश करने को तैयार

नोएडा। बिजली विभाग का नोएडा सर्किल इन दिनों एक संगठित भ्रष्टाचार तंत्र का अड्डा बनता जा रहा है। मुख्य अभियंता–नोएडा और अवर अभियंता सचिन वर्मा की जोड़ी पर पोस्टिंग के नाम पर ₹60 लाख तक की अवैध धन उगाही, बिना प्राक्कलन पोल शिफ्टिंग, सरकारी खाते में राशि जमा न कराने और शिकायतों को दबाने जैसे गंभीर आरोप — यह सब अब एक संगठित भ्रष्टाचार तंत्र का रूप ले चुका है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्य अभियंता–नोएडा और अवर अभियंता सचिन वर्मा की जोड़ी ने विभाग को निजी जागीर की तरह चलाना शुरू कर दिया है। पोस्टिंग और ट्रांसफर को खुलेआम बोली में बदल दिया गया है, जहाँ ईमानदारी नहीं बल्कि मोटी रकम ही तैनाती तय करती है।

यूपीपीसीएल मीडिया के पास इस कथित नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण कॉल विवरण और ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

पोस्टिंग की खुली बोली!

सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष–पावर कॉरपोरेशन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के दौरान अवर अभियंताओं की पोस्टिंग के नाम पर प्रत्येक से ₹5 लाख तक की रकम वसूली गई। वर्टिकल प्रणाली लागू होने के समय अवर अभियंता सचिन कुमार द्वारा कथित रूप से लगभग ₹60 लाख की अवैध वसूली कर मुख्य अभियंता तक पहुँचाने के आरोप हैं। यह संकेत करता है कि पोस्टिंग और ट्रांसफर को खुलेआम बोली में बदल दिया गया।

बिना प्राक्कलन पोल शिफ्टिंग — सरकारी खजाने पर डाका

सूत्र बताते हैं कि नोएडा में पोल शिफ्टिंग के काम बिना किसी स्वीकृत स्टीमेट के कराए जा रहे हैं। न कोई सरकारी रसीद, न कोई चालान, न कोई विभागीय स्वीकृति — सीधा कैश कलेक्शन। शिकायत होने पर जांच को दबाने या औपचारिकता में निपटाने के आरोप भी हैं। सेक्टर 142 का मामला बना उदाहरण

कार्य स्थल – के. एल. सुनेजा, प्लॉट नं. 1, CMS एक्सप्रेस इंफोवे प्रा. लि., सेक्टर 142, नोएडा

यहाँ कथित रूप से

  • करीब ₹7 लाख की अवैध वसूली
  • सरकारी खाते में एक भी रुपया जमा नहीं
  • कोई स्वीकृत प्राक्कलन मौजूद नहीं
  • औपचारिक शिकायत के बावजूद कार्रवाई शून्य

यह प्रकरण सेक्टर 142 बिजलीघर से जुड़ा है, यहां तैनात अवर अभियंता सचिन वर्मा द्वारा कराया गया।

विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया सत्य

यूपीपीसीएल मीडिया द्वारा प्रकाशित खबर—“नोएडा में ‘नियम ऑफ’ और ‘रिश्वत ऑन’ मॉडल: अवर अभियंता सचिन वर्मा ने बिजली विभाग को बना दिया निजी जागीर”—विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया सत्य पाई गई।

इसके बावजूद, सूत्र बताते हैं कि कार्रवाई के नाम पर दोषी अधिकारी को एक मलाईदार पोस्ट से हटाकर नोएडा में ही दूसरी मलाईदार पोस्ट पर तैनाती की तैयारी है। सवाल उठता है—छह साल से एक ही शहर में टिके कथित भ्रष्ट अधिकारी को संरक्षण क्यों?

शिकायत दबाने का आरोप

आरोप है कि मुख्य अभियंता–नोएडा ने स्वयं हस्तक्षेप कर शिकायत को दबा दिया और निष्पक्ष जांच नहीं होने दी। इससे सरकारी राजस्व को क्षति, वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन और जनहित की उपेक्षा उजागर होती है। शिकायत दबाने का आरोप, जांच को किया गया प्रभावित।

सूत्रों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में जब औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, तो मुख्य अभियंता–नोएडा ने स्वयं हस्तक्षेप कर मामले को दबा दिया। न निष्पक्ष जांच हुई, न दोषियों पर कार्रवाई।

यही नहीं, विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बावजूद, कार्रवाई के नाम पर आरोपी अधिकारी को एक मलाईदार पोस्ट से हटाकर दूसरी मलाईदार पोस्ट पर नोएडा में ही तैनात करने की तैयारी है।

छह साल से नोएडा में जमे ‘दलाल इंजीनियर’

सवाल यह है कि एक ही अधिकारी को लगातार छह साल से नोएडा जैसे हाई रेवेन्यू ज़ोन में क्यों टिकाए रखा गया? सूत्रों का दावा है कि यही अधिकारी मुख्य अभियंता का कथित “मैनेजर” बनकर वसूली नेटवर्क चला रहा है।

व्हाट्सऐप नेटवर्क और सांठगांठ

सूत्र बताते हैं कि नोएडा ज़ोन के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में किसी अधिशासी अभियंता के बजाय एक अवर अभियंता एडमिन है — जो पूरे ज़ोन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

यूपीपीसीएल मीडिया मांग करता है कि मुख्य अभियंता और सचिन वर्मा के व्हाट्सऐप कॉल/चैट की जांच कराई जाए—ताकि नोएडा में फैले भ्रष्टाचार के “व्हाट्सऐप नेटवर्क से चलता है सिस्टम?” का पर्दाफाश हो सके।

यूपीपीसीएल मीडिया की मांगें

  • तत्काल उच्चस्तरीय व स्वतंत्र जांच
  • जांच अवधि में मुख्य अभियंता–नोएडा को पद से पृथक किया जाए
  • पूर्व अवर अभियंता सचिन कुमार/सचिन वर्मा की भूमिका की गहन जांच
  • सभी पोल शिफ्टिंग कार्यों व वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट

यह मामला केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग, ईमानदार अधिकारियों की प्रताड़ना, अवैध वसूली, जनहित की उपेक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ का प्रतीक बन चुका है।

“यूपीपीसीएल मीडिया” स्पष्ट करता है—सच सामने लाने के लिए हमारे पास साक्ष्य हैं, और जरूरत पड़ी तो न्यायालय के समक्ष पेश किए जाएंगे। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन कब तक आँखें मूँदे रहेगा—या फिर नोएडा के ‘रिश्वत ऑन’ मॉडल पर कड़ी चोट करेगा।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    यूपी में जीरो पॉवर्टी अभियान को गति, हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश; बिजली व्यवस्था सुधार पर भी सीएम का जोर

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।…

    नोएडा पावर कॉर्पोरेशन में ‘ट्रांसफार्मर खेल’ का महाघोटाला? नए इंजीनियरों पर कार्रवाई, असली जिम्मेदार कौन? तीन महीने गायब रहा करोड़ों का पावर ट्रांसफार्मर, उठे बड़े सवाल

    नोएडा | UPPCL MEDIA नोएडा पावर कॉर्पोरेशन (NPCL) में सेक्टर-31 स्थित पावर ट्रांसफार्मर प्रकरण अब केवल एक तकनीकी खराबी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि पूरे विभागीय तंत्र की…

    फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

    फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights