उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक उपभोक्ता ने अपने बिजली कनेक्शन संख्या 4879316000 का ₹31,563 का भुगतान किया, जिसका ट्रांजेक्शन आईडी भी विभाग द्वारा जारी कर दिया गया।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसी कनेक्शन पर कुछ ही घंटों बाद विभाग की ओर से दूसरा मैसेज भेजकर ₹81,193.74 बकाया बता दिया गया और भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दे दी गई।
इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की बिलिंग प्रणाली और डिजिटल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भुगतान की पुष्टि खुद विभाग कर रहा है, तो फिर अचानक इतनी बड़ी बकाया राशि कैसे दिखाई जा रही है?

ऊर्जा विभाग के डिजिटल दावों के बीच ऐसे मामले यह साबित करते हैं कि जमीनी स्तर पर सिस्टम में भारी खामियां हैं, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि:
👉 क्या बिजली विभाग की बिलिंग प्रणाली भरोसेमंद है?
👉 क्या उपभोक्ताओं को गलत बकाया दिखाकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है?
👉 आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?
यूपीपीसीएल मीडिया इस मामले में विभाग से जवाब मांगता है कि आखिर भुगतान के बाद भी उपभोक्ता को बकायेदार कैसे बना दिया गया?
📌 यूपीपीसीएल मीडिया – ऊर्जा क्षेत्र की सच्चाई उजागर करने का मंच








