एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली
संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बिजली विभाग का जूनियर इंजीनियर और एक संविदाकर्मी एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गए। आगरा से आई टीम ने बुधवार शाम रंगे हाथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।

गांव नौशहरा निवासी नीरज कुमार ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि नौशहरा फीडर पर तैनात जेई राजेश पाल उससे बिजली चोरी का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर 70 हजार रुपये की मांग कर रहा है। नीरज के खिलाफ पहले बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें विभाग ने 21 हजार रुपये का शमन शुल्क लगाया था।
शिकायतकर्ता नीरज का आरोप है कि जेई ने मुकदमा खत्म कराने के लिए पहले 70 हजार रुपये मांगे। सौदेबाजी के बाद 40 हजार रुपये तत्काल और शेष रकम बाद में देने की बात तय हुई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया।
📍 शिविर में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे भूड़ा भरथरा में लगे एकमुश्त समाधान योजना शिविर के दौरान जैसे ही नीरज ने तय रकम जेई को सौंपी, टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।
इंस्पेक्टर संजय राय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में
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जेई राजेश पाल (निवासी – मैनपुरी शहर)
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संविदाकर्मी जयप्रकाश उर्फ मुनीश पाल (निवासी – पृथ्वीपुर, करहल, मैनपुरी)
को माता मंदिर तिराहा, भूड़ा भरथरा से गिरफ्तार किया गया।
टीम के अनुसार, जेई ने पहले नीरज को नौशहरा फीडर बुलाया, फिर गांव में और अंत में तिराहे पर बुलाकर रिश्वत ली, जहां टीम पहले से तैनात थी।
🚨 क्या है मामला?
फिरोजाबाद में आगरा विजिलेंस की टीम ने बुधवार को बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और एक संविदा कर्मी को पकड़ लिया। टीम जेई और कर्मचारी को खींचते हुए लाई। इस दौरान जेई को खुद को छुड़ाने की कोशिश करते रहे। विजिलेंस टीम ने जेई और कर्मचारी को उठाकर गाड़ी में डाला।
बुधवार को गांव भूड़ा बरतरा में बिजली विभाग की एक मुश्त समाधान योजना के तहत शिविर का लगाया गया था। इसी दौरान शाम करीब 4 बजे अचानक आगरा विजिलेंस टीम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नौशहरा बिजली सबस्टेशन पर तैनात जेई राजेश पाल और संविदाकर्मी मुन्नेश कुमार को पकड़ लिया।
🚨 विभाग में मचा हड़कंप
विजिलेंस टीम दोनों को अरांव थाना ले गई। यहां आगे की कार्रवाई की जा रही है। जेई के पकड़े जाने की खबर मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि विजिलेंस टीम ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस मामले में कार्रवाई की गई है। इस गिरफ्तारी के बाद कर्मचारी और अधिकारी सकते में हैं। गुरुवार को दोनों आरोपियों को आगरा स्थित विभागीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।
🔥 बड़ा सवाल
जब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब भी बिजली विभाग के अधिकारी खुलेआम रिश्वत वसूली में लगे हैं। आखिर कब सुधरेगा सिस्टम?







