नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के विद्युत क्षेत्र में व्यापक और दूरगामी सुधार करना है।
मंत्रालय के अनुसार, नई नीति के तहत 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत को 2,000 किलोवाट-घंटे और 2047 तक 4,000 किलोवाट-घंटे से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में वर्ष 2024–25 में प्रति व्यक्ति बिजली खपत 1,460 किलोवाट-घंटे दर्ज की गई है।

यह नीति भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य शामिल किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि मसौदा नीति भविष्योन्मुख, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ विद्युत क्षेत्र के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करती है।
नीति का मुख्य उद्देश्य देशभर में किफायती दरों पर विश्वसनीय, निरंतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
विद्युत मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026, वर्ष 2005 में अधिसूचित मौजूदा राष्ट्रीय विद्युत नीति का स्थान लेगी। इस मसौदे पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएँगी, जिसके बाद अंतिम नीति अधिसूचित की जाएगी।







