अब ‘कौड़ियों के दाम’ मिलेगा बिजली कनेक्शन, स्मार्ट मीटर सस्ते, खत्म हुआ ‘इस्टीमेट राज’

यूपीपीसीएल मीडिया | उपभोक्ता हित में विस्तृत विशेष रिपोर्ट

नए कनेक्शन, मीटर और शुल्कों में उपभोक्ताओं को  ऐतिहासिक राहत

त्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का नया कास्ट डाटा बुक 2025 उपभोक्ताओं के लिए बना वरदान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा वर्ष 2025 के लिए नया कास्ट डाटा बुक (Cost Data Book – CDB) जारी किया गया है। यह नया CDB प्रदेश के घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक, स्टार्टअप, लघु उद्योग और कृषि उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ा और दूरगामी कदम माना जा रहा है। इसमें नए बिजली कनेक्शन, मीटरिंग, ट्रांसफॉर्मर, सुरक्षा राशि (Security Deposit), सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज, मीटरिंग चार्ज और अन्य शुल्कों को युक्तिसंगत बनाते हुए कई मामलों में सीधी आर्थिक राहत दी गई है।

बहुप्रतीक्षित नई कास्ट डाटा बुक–2025 (Cost Data Book 2025) लागू होते ही प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेना बेहद सस्ता, स्मार्ट मीटर की कीमतों में ऐतिहासिक कटौती और इस्टीमेट (अनुमानित लागत) की विवादित व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है। आयोग के इस फैसले को उपभोक्ता हित में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे आम आदमी, गरीब परिवारों, किसानों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

स्मार्ट मीटर की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट

नई कास्ट डाटा बुक का सबसे बड़ा आकर्षण स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की कीमतों में भारी कटौती है। जो मीटर अब तक आम आदमी की पहुंच से बाहर थे, वे अब आधे से भी कम दाम में मिलेंगे।

नई दरें इस प्रकार हैं—

  • सिंगल फेज स्मार्ट मीटर
    पहले: ₹6016
    अब: ₹2800
    👉 सीधे ₹3200 से ज्यादा की बचत

  • थ्री फेज स्मार्ट मीटर
    पहले: ₹11342
    अब: ₹4100
    👉 करीब ₹7000 से ज्यादा की राहत

यह कटौती सभी नए उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में नए कनेक्शन लेने की राह आसान होगी। इसमें उपभोक्ताओं से न्यूनतम आवश्यक शुल्क लिया जाएगा और अनावश्यक लागत का बोझ नहीं डाला जाएगा। इससे शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नए कनेक्शन को बढ़ावा मिलेगा।

‘इस्टीमेट राज’ खत्म, भ्रष्टाचार पर सीधी चोट

मीटर सस्ता होने से भी बड़ी राहत इस्टीमेट व्यवस्था के खात्मे के रूप में मिली है। अब तक नया कनेक्शन लेते समय खंभा, तार, ट्रांसफॉर्मर आदि के नाम पर इंजीनियरों द्वारा भारी-भरकम इस्टीमेट बनाया जाता था, जिससे उपभोक्ताओं को महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे और भ्रष्टाचार की शिकायतें आम थीं।

नई व्यवस्था में—

  • 300 मीटर तक की दूरी
  • 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर)

के लिए अब कोई इस्टीमेट नहीं बनेगा
➡️ इसके बदले तयशुदा फिक्स चार्ज लिया जाएगा।
➡️ चाहे खंभा लगे या तार खिंचे, उपभोक्ता को सिर्फ निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि कनेक्शन मिलने में लगने वाला समय भी काफी कम होगा।

अब कनेक्शन कितना सस्ता हुआ? उदाहरण से समझें

पहले 2 किलोवाट का घरेलू कनेक्शन लेने पर कुल खर्च अक्सर 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच जाता था।

नई व्यवस्था में—

  • 2 किलोवाट का घरेलू कनेक्शन
  • 100 मीटर दूरी तक: कुल खर्च सिर्फ ₹5500
  • 300 मीटर दूरी तक: कुल खर्च मात्र ₹7555

यानी अब नया कनेक्शन लेना पहले के मुकाबले कई गुना सस्ता हो गया है।

गरीब और बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी राहत

नई कास्ट डाटा बुक में गरीब और बीपीएल परिवारों का विशेष ध्यान रखा गया है।

बीपीएल उपभोक्ताओं को—

  • प्रोसेसिंग फीस शून्य
  • सिक्योरिटी डिपॉजिट शून्य
  • कनेक्शन चार्ज किस्तों में देने की सुविधा

मीटर भुगतान में भी राहत—

  • सिंगल फेज मीटर (₹2800)
  • आवेदन के समय सिर्फ ₹1000
  • शेष ₹1800, 24 आसान किस्तों में
  • हर माह सिर्फ ₹84

इससे आर्थिक कमजोरी के कारण कोई भी परिवार बिजली से वंचित नहीं रहेगा।

किसानों और उपभोक्ताओं को भी फायदा

किसानों के लिए भी नई व्यवस्था राहत लेकर आई है। अब वे

  • 3 फेज 16 kVA ट्रांसफॉर्मर या
  • सिंगल फेज 10 kVA ट्रांसफॉर्मर

के माध्यम से सीधे सिंचाई के लिए बिजली ले सकेंगे।

वहीं जिन उपभोक्ताओं ने हाल ही में पुराने महंगे दामों पर स्मार्ट मीटर लगवाया है, उनके लिए आयोग ने संकेत दिए हैं कि अतिरिक्त वसूली गई राशि के निपटान (वापसी/समायोजन) के लिए अलग आदेश जारी किया जाएगा।

कब से लागू होगी नई व्यवस्था

UPERC की यह नई Cost Data Book 2025 अगले दो वर्षों तक मान्य रहेगी।

  • 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर अपडेट
  • इसके बाद पूरे प्रदेश में नई दरें लागू
  • यानी मकर संक्रांति के आसपास से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ

बिजली कनेक्शन को सस्ता करना, स्मार्ट मीटर के दाम घटाना और इस्टीमेट जैसी अपारदर्शी व्यवस्था को खत्म करना, उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में एक नए और पारदर्शी युग की शुरुआत है। यह फैसला साबित करता है कि अब बिजली विलासिता नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।

UPERC का नया CDB-2025 उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को
✔️ सस्ती
✔️ पारदर्शी
✔️ उपभोक्ता-अनुकूल
✔️ उद्योग और रोजगार समर्थक

बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

UPERC द्वारा जारी नया CDB प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम है। इससे न केवल नए कनेक्शन लेना आसान होगा, बल्कि उद्योग, व्यापार और आम घरेलू उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ भी कम होगा। यूपीपीसीएल मीडिया के लिए यह फैसला उपभोक्ता हित, पारदर्शिता और बेहतर बिजली व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।

— यूपीपीसीएल मीडिया के लिए विशेष रिपोर्ट

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights