आज सप्लाई रिव्यू पैनल में फैसला संभव — स्टीमेट, इंस्पेक्टर और सौदेबाजी पर सीधा वार

यूपी में बिजली कनेक्शन का भ्रष्टाचार खत्म करने की तैयारी — एकमुश्त शुल्क, 300 मीटर तक विभाग खुद लगाएगा लाइन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन के नाम पर वर्षों से चल रहे स्टीमेट–इंस्पेक्टर–भ्रष्टाचार राज पर अब निर्णायक प्रहार होने जा रहा है। आज होने वाली सप्लाई रिव्यू पैनल सब-कमेटी की बैठक में ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में कम खर्च में लम्बी दूरी तक बिजली कनेक्शन मिलना संभव हो जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार अब आवेदक को अलग-अलग स्टीमेट, पोल, ट्रांसफार्मर और केबल की भागदौड़ नहीं करनी होगी। उपभोक्ता केवल एकमुश्त निर्धारित शुल्क जमा करेगा और 300 मीटर तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं बिजली विभाग स्वयं करेगा। इससे कनेक्शन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।

⚡ स्टीमेट सिस्टम पर लगेगा ब्रेक

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब-कमेटी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार,

“बिजली कनेक्शन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार स्टीमेट बनाने में होता है। एक जैसे मामलों में अलग-अलग स्टीमेट बनाकर उपभोक्ताओं से सौदेबाजी की जाती है। नई व्यवस्था इस पूरे खेल पर पूर्ण विराम लगाएगी।”

विद्युत नियामक आयोग द्वारा कंज्यूमर राइट्स रूल 2020 की धारा 4(13) के तहत कॉस्ट डाटा बुक को नए स्वरूप में अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि 18 दिसंबर के बाद उपभोक्ताओं को पारदर्शी कानून मिलेगा।

🔌 तीन स्लैब में मिलेगा कनेक्शन

नई व्यवस्था के तहत कनेक्शन को तीन दूरी स्लैब में विभाजित किया जाएगा—

  • पहला स्लैब: 0 से 100 मीटर

  • दूसरा स्लैब: 101 से 300 मीटर

  • तीसरा स्लैब: 301 मीटर से अधिक (अलग स्टीमेट व्यवस्था)

150 किलोवाट तक के कनेक्शन में उपभोक्ता को अब पोल, ट्रांसफार्मर या कंडक्टर की चिंता नहीं करनी होगी।

🏠 2 किलोवाट कनेक्शन अब बेहद सस्ता

वर्मा ने बताया कि—

  • 100 मीटर दूरी तक 2 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के लिए केवल ₹5500 एकमुश्त

  • 300 मीटर दूरी पर स्थित परिसर के लिए मात्र ₹7555

जबकि वर्तमान में ऐसे मामलों में 5–7 पोल, केबल, ट्रांसफार्मर जोड़कर उपभोक्ता से मनमाना खर्च वसूला जाता है।

🚫 खत्म होगी अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था

नई नीति के लागू होने से 40 मीटर तक कनेक्शन देने की अंग्रेजों के जमाने की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।
साथ ही—
इंस्पेक्टर राज खत्म
भ्रष्टाचार पर अंकुश
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान नियम
बीपीएल उपभोक्ताओं को मीटर शुल्क में किश्त की सुविधा

✊ उपभोक्ता हित में बड़ा फैसला

यह प्रस्ताव लागू होते ही बिजली कनेक्शन का पूरा ढांचा बदलेगा।
अब न दलाली चलेगी, न मनमाना स्टीमेट बनेगा।
उपभोक्ता केवल शुल्क देगा — बाकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

यूपीपीसीएल मीडिया सवाल भी पूछेगा और सच भी दिखाएगा—
👉 क्या आज की बैठक उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए ऐतिहासिक साबित होगी?

  • UPPCL MEDIA

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