राजीव गांधी विद्युतीकरण में हुए घोटाले की ED ने शुरू की जांच, करोड़ों का है घोटाला

हरदोई। जनपद में वर्ष 2005-06 में हुए विद्युत विभाग के बड़े घोटाले में ईडी ने जांच शुरू कर दी है। हरदोई जनपद में विद्युत विभाग में बिजली का बड़ा घोटाला सामने आया था। जहां करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया था। जनपद में लगातार भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े मामले निकल कर सामने आ रहे हैं, जिन पर जांच कर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2005-06 में हरदोई जनपद को रिलायंस इंडस्ट्री की ओर से विद्युत सप्लाई दी गई थी। इसके साथ की ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य भी कराया गया था।

विद्युत विभाग में घोटाले में कई तत्कालीन एसडीओ के नाम भी शामिल है। परिवर्तन निदेशालय की टीम द्वारा 85 गांव में घोटाले की जांच की थी, जबकि अभी कई गांव में घोटाले की जांच होना बाकी है। फिलहाल परिवर्तन निदेशालय ने विद्युत घोटाले की जांच करना शुरू कर दिया है। परिवर्तन निदेशालय द्वारा की गई जाँच से बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जल्द ही जांच पूरी कर परिवर्तन सब निदेशालय इस मामले में कार्रवाई भी कर सकता है।

विद्युत विभाग के कई कर्मचारी है जाँच की जद में
हरदोई में बिजली घोटाले में 23 दिसंबर 2023 को लखनऊ के थाने में तत्कालीन एसडीओ समेत 6 लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत हुआ था। यह अभियोग विजिलेंस टीम द्वारा दर्ज कराया गया था। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए परिवर्तन निदेशालय को सौंप दी गई थी। विजलेंस टीम द्वारा 85 गांव में कराए गए कार्य में एक करोड़ रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक विकास चंद्र मिश्रा की ओर से 23 दिसंबर को विजलेंस थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके कहा गया था कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी हुई है।

इस पर केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच की गई, जिसमें 85 गांव में जांच के दौरान एक करोड़ 31 लाख 52 हजार 888 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करने का मामला सामने आया। जांच के दौरान विजिलेंस टीम को पता चला कि अधिकारियों ने कंपनी के मैनेजर से मिलकर गलत सत्यापन कर अतिरिक्त भुगतान कर दिया। इस मामले में तत्कालीन एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी, अमजद अली, प्रमोद आनंद और अभियंता बैजनाथ सिंह नरेश सिंह, रिलायंस एनर्जी नोएडा के सीनियर ऑफ प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक के खिलाफ ग़बन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन सभी पर आरोप है कि इनके द्वारा कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों के साथ मिली भगत कर सत्यापन रिपोर्ट में गोलमाल किया और कम सामग्री लगी होने के बावजूद पूरी सामग्री दिखा कर सत्यापन कर दिया। जनपद में विजलेंस टीम द्वारा 85 गांव की जांच कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी जबकि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का कार्य जनपद के 776 गांव में कराया गया था।

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