180 KM की योजना, 1.5 KM का काम! नोएडा की बिजली व्यवस्था सुधारने का दावा कागजों में सिमटा

नोएडा। बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और बढ़ते लोड से राहत दिलाने के लिए नोएडा में 180 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक केवल 1.5 किलोमीटर लाइन ही बिछाई जा सकी है। यानी कुल लक्ष्य का एक प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है।

गर्मी के चरम मौसम में जब उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्याओं से जूझते रहे, तब विभाग की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना कछुआ गति से आगे बढ़ती रही। हालात इतने खराब रहे कि शहर के कई सेक्टरों में लोगों को घंटों नहीं बल्कि 18-18 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।

हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई। सवाल यह है कि जब योजना पहले से स्वीकृत थी तो काम समय पर क्यों नहीं शुरू हो सका?

नोएडा की आबादी और औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पुराने नेटवर्क पर बढ़ते लोड के कारण ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन आम बात हो गई है। ऐसे में 180 किलोमीटर की नई 33 केवी लाइन शहर के लिए लाइफलाइन साबित हो सकती थी, लेकिन सुस्त कार्यप्रणाली ने पूरे प्रोजेक्ट को सवालों के घेरे में ला दिया है।

बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि हर साल गर्मी से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब संकट आता है तो व्यवस्थाएं जवाब दे जाती हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अधिकारियों की चेतावनी के बाद काम में वास्तव में तेजी आती है या फिर यह परियोजना भी फाइलों और बैठकों तक ही सीमित रह जाएगी।

UPPCL MEDIA सवाल पूछता है:

  • 180 किलोमीटर की योजना में केवल 1.5 किलोमीटर काम होने की जिम्मेदारी किसकी है?
  • क्या देरी के लिए किसी एजेंसी या अधिकारी की जवाबदेही तय होगी?
  • उपभोक्ताओं को बिजली संकट झेलने का मुआवजा कौन देगा?
  • क्या परियोजना तय समय में पूरी हो पाएगी या फिर एक और लक्ष्य अधूरा रह जाएगा?

नोएडा के लाखों उपभोक्ता अब जवाब और परिणाम दोनों का इंतजार कर रहे हैं।

UPPCL MEDIA

"यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन

बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन 173 स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नए फीडर, निर्बाध…

विधायक डॉ. नीरज बोरा को बिजली विकास कार्यों की दी गई विस्तृत जानकारी, बिजनेस प्लान और RDSS परियोजनाओं की हुई समीक्षा

बिजनेस प्लान 2025-26 के कार्यों की प्रगति और 2026-27 की योजनाओं पर हुई चर्चा, उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों से कराया अवगत लखनऊ। दिनांक 14 जुलाई 2026 को लखनऊ उत्तर…

फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल
WhatsApp icon
UPPCL MEDIA
Contact us!
Phone icon
UPPCL MEDIA
Verified by MonsterInsights