‘जॉइनिंग लेटर गायब, रिश्वत हाज़िर’ – बिजली विभाग का भ्रष्टाचार बिसौली-बदायूं में चरम पर

🔥 यूपीपीसीएल मीडिया न्यूज | बदायूं से खुला भ्रष्टाचार का बड़ा घोटाला!… UPPCL में संविदा भर्ती का खेल – नौकरी नहीं, केवल रिश्वत से मिलती ड्यूटी!

बिना नियुक्ति, बिना जॉइनिंग लेटर… फिर भी संविदा कर्मचारी कर रहा ड्यूटी – “सिर्फ रुपया बोलता है” अधीक्षण अभियंता बदायूं के राज में!

बदायूं। यूपी के बिजली विभाग में घिनौना भ्रष्टाचार सिर चढ़कर बोल रहा है। अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और अधिशासी अभियंता बिसौली पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने एक संविदा कर्मी तेजेंद्र मौर्य को  बिना वैधानिक जॉइनिंग लेटर के सीधे बग्रेन पावर हाउस पर लोक शीट पर साइन करवा कर ड्यूटी पर बैठा दिया

तेजेंद्र मौर्य, जो कि संविदा कर्मी है, का संविदा चयन ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (लखनऊ/मुंबई) के माध्यम से दर्शाया जा रहा है, परंतु आज तक उसे कोई वैध जॉइनिंग लेटर जारी नहीं किया गया। इसके बावजूद भारी रिश्वत लेकर उसे नियमित कर्मचारी की तरह शिफ्ट ड्यूटी कराई जा रही है। मतलब यह कि ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (लखनऊ/मुंबई) नामक कंपनी के माध्यम से कार्यरत दिखाया जा रहा है, परंतु अभी तक उसे न तो जॉइनिंग लेटर दिया गया है और न ही उसकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हुई है।आशंका जताई जा रही है कि यह सब कुछ भारी रकम लेकर किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, तेजेंद्र मौर्य की उपस्थिति की लोक शीट पर हस्ताक्षर तक करवाए जा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।

📌 यह घोटाला बताता है:

  • संविदा चयन प्रक्रिया सिर्फ दिखावा है, असल में “रुपये दो, ड्यूटी पाओ” का खेल चल रहा है।

  • अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और अधिशासी अभियंता बिसौली की मिलीभगत से नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

  • ड्यूटी से पहले कंपनी के दस्तावेज, वेरिफिकेशन और अप्रूवल जरूरी होते हैं — जो पूरी तरह दरकिनार कर दिए गए।

⚠️ मांग की जा रही है कि:

  • तेजेंद्र मौर्य की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से रोकी जाए।

  • अधीक्षण अभियंता बदायूं और अधिशासी अभियंता बिसौली के खिलाफ जांच बैठाकर कार्रवाई की जाए।

  • ठेका देने वाली कंपनी की भूमिका पर भी सख्त सवाल उठाए जाएं।

यह मामला सिर्फ नियम उल्लंघन का नहीं बल्कि जनता के पैसों के दुरुपयोग और संस्थागत भ्रष्टाचार का जीवंत उदाहरण है।

🟥 अब जनता पूछ रही है – क्या यूपीपीसीएल में सिर्फ पैसा ही नियम है?

  • UPPCL MEDIA

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