लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, तकनीकी हानि और ओवरलोड की स्थिति में सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत बड़े लक्ष्य
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।
- लगभग 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र मिले।
- करीब 5 लाख परिवार मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किए जाएंगे।
- 6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड नहीं है।
- लगभग 5 लाख श्रमिकों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण हो चुका है।
- 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड बनवाकर उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास सहित अन्य सभी योजनाओं से चरणबद्ध रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेसवे और बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाने को कहा।
वर्तमान स्थिति:
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे – 88.45% भूमि अधिग्रहण
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे – 72.71%
- आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे – 63%
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे – 59.35%
सभी संबंधित जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ नाइट सफारी और लॉजिस्टिक हब
बैठक में बताया गया कि लखनऊ नाइट सफारी को उच्चतम न्यायालय से अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने को कहा।
ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब में 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है तथा पांच कंपनियां पंजीकरण करा चुकी हैं।
टेक्सटाइल पार्क और औद्योगिक विकास
लखनऊ में विकसित हो रहे टेक्सटाइल पार्क की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि:
- सभी विद्युत फीडरों का तकनीकी विश्लेषण किया जाए।
- बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारी जाए।
- राजस्व वसूली मजबूत की जाए।
- लाइन लॉस एवं ओवरलोड की समस्या का समाधान किया जाए।
- उपभोक्ता सुविधा, तकनीकी दक्षता और वित्तीय अनुशासन को समान प्राथमिकता दी जाए।
इसके साथ ही लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को लेकर भी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए।
फायर सेफ्टी पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों और होटलों में वैध फायर एनओसी की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
UPPCL MEDIA विश्लेषण
प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर फीडरवार समीक्षा, ओवरलोड प्रबंधन, राजस्व वसूली और तकनीकी दक्षता पर विशेष जोर दिया है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति, कम ट्रिपिंग और शिकायतों के त्वरित समाधान का लाभ मिल सकता है। वहीं हाईटेंशन लाइनों और सीवर नेटवर्क से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को दूर करने के निर्देश जनसुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।








