नोएडा पावर कॉर्पोरेशन में ‘ट्रांसफार्मर खेल’ का महाघोटाला? नए इंजीनियरों पर कार्रवाई, असली जिम्मेदार कौन? तीन महीने गायब रहा करोड़ों का पावर ट्रांसफार्मर, उठे बड़े सवाल

नोएडा | UPPCL MEDIA

नोएडा पावर कॉर्पोरेशन (NPCL) में सेक्टर-31 स्थित पावर ट्रांसफार्मर प्रकरण अब केवल एक तकनीकी खराबी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि पूरे विभागीय तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिस पावर ट्रांसफार्मर को लेकर विवाद खड़ा हुआ, वह कथित रूप से लंबे समय तक बिजलीघर से बाहर रहा और बिना सक्षम स्वीकृति के निजी कंपनी में मरम्मत के लिए भेजे जाने की चर्चाएं हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लॉगशीट और विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित पावर ट्रांसफार्मर वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त (Damaged) था, तो वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यभार संभालने वाले नए अधिशासी अभियंता (XEN) और सहायक अभियंता (AE) पर कार्रवाई क्यों हुई? यदि घटना की जड़ पहले की है, तो उस समय जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई?

विभागीय हलकों में चर्चा है कि कार्रवाई का पूरा केंद्र नए अधिकारियों पर रखा गया, जबकि उस अवधि में निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। इसी कारण यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या वास्तविक जिम्मेदारी की निष्पक्ष जांच हुई है, या फिर कार्रवाई केवल नीचे के स्तर तक सीमित कर दी गई?

यदि एक भारी-भरकम पावर ट्रांसफार्मर कई महीनों तक बिजलीघर से बाहर रहा, तो क्या इसकी जानकारी अधीक्षण अभियंता (SE), मुख्य अभियंता (Chief Engineer) और उच्च प्रबंधन को नहीं थी? और यदि जानकारी थी, तो समय रहते आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी कदम क्यों नहीं उठाए गए? यदि जानकारी नहीं थी, तो फिर निगरानी व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है?

मामले को लेकर विभाग के भीतर यह मांग भी उठ रही है कि पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि ट्रांसफार्मर कब क्षतिग्रस्त हुआ, किसके आदेश से उसे बाहर भेजा गया, क्या सक्षम स्वीकृति ली गई थी, और विभिन्न स्तरों पर किस अधिकारी की क्या जिम्मेदारी थी।

UPPCL MEDIA का मानना है कि बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तभी स्थापित होगी जब जांच केवल नए अधिकारियों तक सीमित न रहकर पूरी प्रशासनिक श्रृंखला की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा करे। यदि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से पहले की घटनाओं के लिए बाद में आए अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया गया है, तो इस निर्णय का आधार भी सार्वजनिक होना चाहिए।

UPPCL MEDIA

"यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन

बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन 173 स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नए फीडर, निर्बाध…

विधायक डॉ. नीरज बोरा को बिजली विकास कार्यों की दी गई विस्तृत जानकारी, बिजनेस प्लान और RDSS परियोजनाओं की हुई समीक्षा

बिजनेस प्लान 2025-26 के कार्यों की प्रगति और 2026-27 की योजनाओं पर हुई चर्चा, उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों से कराया अवगत लखनऊ। दिनांक 14 जुलाई 2026 को लखनऊ उत्तर…

फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल
WhatsApp icon
UPPCL MEDIA
Contact us!
Phone icon
UPPCL MEDIA
Verified by MonsterInsights