कुकरैल विहार ट्रांसफार्मर क्षमता बृद्वि प्रकरण : बलि का बकरा बनाते हुए सह आरोपी संविदा कर्मी रवि कुमार कश्यप की सेवा तत्काल प्रभाव से खत्म …. अब देखना है कि अवर अभियंता की सेवा कब तक रहती है जारी

लखनऊ। कुकरैल विहार में ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के नाम पर 50000 रुपये प्रति व्यक्ति दर से अवैध तरीके से रिश्वत मांगने के प्रकरण में अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा के दाहिना हाथ एवं सह आरोपी संविदा कर्मी रवि कुमार कश्यप को 33/11 के० वी उपकेंद्र सुगामऊ से तत्काल हटाए जाने के संबंध में कार्यदायर संस्था एसएसएम इंफ्राटेक ने उपखंड सेक्टर 14 ( ओल्ड) द्वारा अपने पत्रांक संख्या 4365 दिनांक 12/7/2024 को उक्त प्रकरण से संबंधित कराई गई जॉच एवं कार्यदायी संस्था एसएसएम इंफ्राटेक द्वारा भी कराई गई जॉच में पुष्टि होने के उपरान्त तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए इनकी सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त कर इसकी सूचना अपने पत्रांक संख्या एसएमएम/2024-25/जुलाई/25 दिनांक 22/7/2024 को अधीक्षण अभियंता- मुंशी पुलिया डिविजन, गोमती नगर जोन को देते हुए उसकी प्रति अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल (इन्दिरा नगर), लेसा, इन्दिरा नगर, लखनऊ एवं उपखंड अधिकारी, सेक्टर 14 (ओल्ड) मुंशीपुलिया, इन्दिरा नगर, लखनऊ को दे दी। इसकी कारवाई के बाद भी बिजली विभाग के आलाधिकारीयों द्वारा अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा को इस प्रकरण में बचाने की कोशिश करना कहीं न कहीं अधिकारीयों के कार्यप्रलाणी पर संदेह प्रकट करता है।

बताते चले कि कुकरैल विहार में ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के नाम पर 50000 रुपये प्रति व्यक्ति दर से अवैध तरीके से रिश्वत मांगने की शिकायत स्थानीय निवासीयों द्वारा प्रबन्ध निदेशक- मध्यांचल विघुत वितरण निगम से करने के उपरान्त कराई गई जॉच में अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा के दाहिना हाथ संविदाकर्मी रवि कुमार द्वारा उपभोक्ताओं से 50000 से 1 लाख तक की वसूली करने की पुष्टि हो गई थी, जिसके उपरान्त अधीक्षण अभियंता- मुंशी पुलिया डिविजन, गोमती नगर जोन द्वारा कार्यदायी संस्था एसएसएम इंफ्राटेक को दी, जिसके उपरान्त इस प्रकरण की जांच के लिए एसएमएम कंपनी ने अपनी जांच कमेटी बनाई, जिसमें लखनऊ संविदा सुपरवाइज संदीप कुमार पांडे, अंकित साहू, राहुल व शिवा नंद की कमेटी बनाई गई, जिसमें भी अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा के संरक्षण में संविदाकर्मी रवि कुमार द्वारा उपभोक्ताओं से 50000 से 1 लाख तक की वसूली करने की पुष्टि भी हो गई। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था एसएसएम इंफ्राटेक ने अधीक्षण अभियंता- मुंशी पुलिया डिविजन, गोमती नगर जोन को लिखित अवगत भी कराया कि स्थानीय निवासीयों में अवर अभियंता व संविदा कर्मी रवि कुमार को लेकर व्यापक रोष व्याप्त हैं, जिसके कारण कोई भी दुर्घटना घट सकती है। इस रिपोर्ट के साथ ही अवगत कराया कि उक्त कृत के कारण कार्यालय के कामकाज प्रभावित हो रहे है व कंपनी की छवि भी धूमिल हो रही हैं, अतः इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए इनकी सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की संस्तुति करी गयी हैं। आज के उपरान्त संविदाकर्मी रवि कश्यप किसी भी मानदेय अथवा भत्ते के अधिकारी नहीं होंगे तथा कंपनी का इनके प्रति कोई भी उत्तरदायित्व नहीं रह जाता है। यदि विभाग द्वारा इनके विरुद्ध कोई अन्य कानूनी कार्यवाही होती है तो कंपनी का उससे कोई सरोकार नहीं होगा

इस सम्पूर्ण मामले में अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा के काले कारनामों के खुलासा होने पर डिविजन से लेकर मघ्यांचल मुख्यालय तक हडकम्प्प मचने के बाद भी अवर अभियंता के उच्च अधिकारीयों द्वारा सिर्फ संविदाकर्मी को बली का बकरा बनाते हुए हटा देने कहीं न कहीं उनके कार्यप्रलाणी पर संदेह के धेरे में लाता है।

ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के लिए प्रति व्यक्ति 50000 रुपये की दर से रिश्वत मांगने के प्रकरण में सुगांमऊ अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा द्वारा स्वयं एवं अपने सहयोगी को बचाने की हर प्रयास विफल होता नजर आ रहा है।

मामला गम्भीर होता देख सुगांमऊ अवर अभियन्ता सौरभ कुशवाहा द्वारा 50000 रुपये प्रति व्यक्ति दर से रिश्वत मांगने के प्रकरण अपने बचाव में बनाये गये उपभोक्ता की विडियों भी बनवाई, लेकिन वह भी गले की फास बन गई। शिकायत करने वाला उपभोक्ता भी नहीं बता पा रहा था कि असली दस्तावेंज कौन है …..उपभोक्ता द्वारा एमडी को भेजा गया शिकायत पत्र असली थी कि बचाव में दिया गया शपथ पत्र….. हीं, बिजली विभाग के अधिकारीयों से आगह है कि इस प्रकरण में उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया फर्जी बयान एवं फर्जी तरीके से शपथ पत्र जारी करने के प्रकरण को संज्ञान में लेकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायें।

हालांकि इस प्रकार की कारवाई की भनक लगते ही अवर अभियन्ता सुगामऊ सौरभ कुशवाहा द्वारा लगभग दो साल उपरान्त ट्रांसफार्मर रखवाने का कार्य कर दिया गया है, साथ ही एक ही दिन में क्षेत्र के लगभग 10 व्यक्तियों के यहां न सिर्फ संयोजन देते है, बल्कि मीटर भी लगा देते है, लेकिन क्या इन सब से रिश्वत मांगने सम्बन्धित प्रकरण खत्म हो जायेगा, यह सम्भव नहीं

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