स्मार्ट मीटर लगते ही बिल भी हुए ‘स्मार्ट’… डेढ़ महीने का बिल 52 लाख 43 हजार, सैलून का बिल 27 लाख, चाय की दुकान का आया 37 लाख का बिल

बिहार के मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग अपने कारनामे के कारण सुर्खियों में है. यहां सैलून, चाय की दुकान, मजदूर के घरों के बिजली बिलों को देख लोग हैरान हो रहे हैं. स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल लाखों रुपये में आ रहे हैं. परेशान लोग बिजली विभाग के दफ्तरों में चक्कर काट-काटकर परेशान हैं. अधिकारी सुनने को राजी नहीं हैं.

शहर में लगे बिजली के स्मार्ट मीटर लोगों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं. किसी को एक महीना का बिल 27 लाख तो किसी को 52 लाख रुपये का बिल भेजा जा रहा है. लाखों का बकाया बिल देख उपभोक्ता परेशान हैं. बिल जमा न होने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली कट कर दी गई है. एक उपभोक्ता का बिल 56 लाख रुपये का आया है.

स्मार्ट मीटर लगने के बाद सैलून का बिल 27 लाख
मुजफ्फरपुर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद सैलून की दुकान का बिल 27 लाख 10 हजार 618 रुपये आया है. सैलून संचालक विनय कुमार ने बताया कि दुकान में एक पंखा व चार बल्ब चलते हैं. पहले प्रत्येक महीना 200 से 500 रुपये का बिजली बिल आता था. एक महीना पहले विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाया है. रिचार्ज करने के 10 दिन बाद ही लाइट कट गई. बिल चेक किए तो 27 लाख का था. इतनी रकम का बिजली बिल देख वह घबरा गए. इसकी शिकायत विभाग में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. बिजली कटने से उसे बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इससे आर्थिक समस्या भी हो रही है. सैलून चलाकर वह पूरे परिवार का खर्च चलाता है.

झोपड़ी में चाय की दुकान, बिजली बिल आया 37 लाख
बसघट्टा पंचायत के बरेठा निवासी कामेश्वर शाह चाय दुकानदार हैं. झोपड़ी में दुकान खोलकर किसी तरह वह परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं. बिजली विभाग ने उनका 36 लाख 92 हजार 329 रुपए का बिजली बिल भेज दिया है. कामेश्वर शाह के रिचार्ज करने के बाद भी माइनस में बिल दिखाने पर उनकी बिजली चालू नहीं हुई. उन्होंने ऑनलाइन चेक किया और देखा तो बकाया बिल की इतनी बड़ी रकम देखकर उनके होश उड़ गए. उन्होंने बताया कि इतना बड़ा बिल देखकर वह मानसिक रूप से तनाव में है. बिजली सुधार के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक सुधार नहीं हो पाया है. उनकी झोपड़ी के घर में दो बल्ब और एक पंखा है. समय-समय पर बिजली का भुगतान कर देने के बाद भी भारी भरकम बिजली बिल जेनरेट कर दिया गया.

डेढ़ महीने का बिल 52 लाख 43 हजार
हरिशंकर मनियारी के रहने वाले हरीश कुमार के घर में डेढ़ महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा. 27 जून को अचानक बिजली कनेक्शन काट दिया गया. इसके बाद हरीश ने 500 रुपये का रिचार्ज किया लेकिन बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई. फिर बिल डाउनलोड किया तो देखा कि 52 लाख 43 हजार 327 रुपए का बिल जनरेट किया गया है. हरेश बिजली विभाग का चक्कर लगाते-लगाते परेशान हैं. उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले समय पर बिजली बिल का भुगतान कर देते थे. स्मार्ट मीटर लगने के बाद 52 लाख का बिल आया है. हरेश ने बताया कि उनके घर में चार पंखा, चार बल्ब और एक एसी लगा है. इसके बावजूद डेढ़ महीने में यह बिल आया है.

अधिकारियों ने कही ये बात
इस मामले में जेई एसके ठाकुर ने बताया की स्मार्ट मीटर लगाते समय पुराने मीटर की रीडिंग को फिट कर दिया जा रहा है. स्मार्ट मीटर उदयपुर की कंपनी लगा रही है. गलत बिल की सूचना मिली है. यह टेक्निकल फॉल्ट है, जिसमें सुधार किया जा रहा है. प्रभारी विद्युत कार्यपालक अभियंता पूर्वी किशोर कुमार ने बताया कि बिजली बिल पूरी तरह गलत है. तकनीकी गड़बड़ी के कारण बिल गलत हो गया है. बिल सुधार कर दिया जाएगा.

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