ईमानदारी की राह पर बिजली विभाग : केबल कटना, मीटर टूटना बिजली चोरी का सबूत नहीं, अब ऐसे ही नहीं दर्ज हो जाएगा मुकदमा

लखनऊ। बिजली विभाग अब सिर्फ आशंका के आधार पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं करा पाएगा। किसी उपभोक्ता के परिसर की सर्विस केबल कटी है या फिर मीटर की बॉडी टूटी है तो यह बिजली चोरी का सबूत नहीं है। केबल कटना, मीटर टूटना बिजली चोरी का सबूत नहीं,

अब ऐसे ही नहीं दर्ज हो जाएगा मुकदमा
बिजली विभाग आशंका के आधार पर अब उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं करा पाएगा। चेकिंग के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के परिसर की सर्विस केबल कटी है या फिर मीटर की बॉडी टूटी मिलना बिजली चोरी के साक्ष्य नहीं है। ऐसे मामलों में लेसा कर्मचारी पुरानी सर्विस केबल को बदलकर आर्मर्ड केबल के माध्यम से नये मीटर को परिसर के बाहर स्थापित करेंगे। साथ ही अगले तीन माह के बिजली उपभोग की तुलना पिछले वर्ष सामान महीनों के उपभोग से करके असिस्मेंट बिल बनाएंगे।

नवविकसित क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन के लिए अब किसी से एनओसी की जरूरत नहीं होगी। विभाग आवेदक को परिसर से निकट की लाइन से एक्सटेंशन के लिए न्यूनतम एस्टीमेट पर कनेक्शन देगा। मध्यांचल विद्युत निगम के प्रबन्ध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने गत शनिवार को मुख्य अभियंताओं (वितरण) के लिए आदेश जारी किया है। बिजली चेकिंग के नाम पर लेसा अब उपभोक्ताओं का शोषण नहीं कर सकेगा। किसी परिसर पर जांच के दौरान यदि सर्विस केबल एक अथवा अधिक स्थानों पर कटी है, तो बिजली चोरी का पर्याप्त साक्ष्य नहीं।

परिसर के बाहर आर्मर्ड केबल से नये मीटर लगाए जाएं
बिजली उपभोक्ता परिसर से उतारे गये मीटर की ब्रॉट-इन के आधार पर विद्युत अधिनियम की धारा-135 के अंतर्गत मीटर टेम्पर का केस करने से पूर्व लैब में मीटर की जांच की जाए। मीटर टेम्पर के प्रमाण के अभाव में केवल मीटर बॉडी सील टूटी होना या किसी एलईडी का लेग कटा होना अथवा मीटर में छेड़छाड़ का संदेह मात्र होना मुकदमें और असेसमेंट का पर्याप्त आधार नहीं है।

बिजली कनेक्शन के लिए एनओसी की जरूरत नहीं
मध्यांचल निगम के प्रबन्ध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने आदेश दिया कि बिजली लाइन के निर्माण के लिए चाहे पूर्व में किसी निजी आवेदक द्वारा जमा योजना में धनराशि जमा कराई गई हो। इसके बावजूद निर्मित लाइन अब डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी की संपत्ति है। डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी उससे किसी को भी विद्युत कनेक्शन दे सकता है। इलेक्ट्रिसिटी कोड में इसके लिए मूल जमाकर्ता की एनओसी (कंसेंट) लेने का कोई प्रावधान नहीं है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights