जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत, ग्रामीणों का आरोप—झूठी आख्या लगाकर मामलों का किया जा रहा निस्तारण
सुल्तानपुर। ब्लॉक प्रतापपुर कमैचा क्षेत्र के ग्राम शोभीपुर में बिजली विभाग की ऑनलाइन बिल भुगतान प्रणाली और शिकायत निस्तारण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल जमा करने के बावजूद विभाग के रिकॉर्ड में भुगतान अपडेट नहीं किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार बकायेदार दिखाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से ही बिजली आपूर्ति बदहाल है। रात के समय लंबे-लंबे कटौती के कारण अंधेरा छाया रहता है, जिससे खेती-किसानी और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद बिजली बिल नियमित रूप से भेजे जा रहे हैं और भुगतान के बाद भी राहत नहीं मिल रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, उपभोक्ता लक्ष्मीकांत मौर्य ने 25 जुलाई को ₹204 का बिजली बिल ऑनलाइन जमा किया था। भुगतान की डिजिटल रसीद (रेफरेंस नंबर: DHD5NC01QSLM7R) भी उनके मोबाइल में उपलब्ध है। आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड में यह भुगतान समायोजित नहीं किया गया।
मामले की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिना वास्तविक जांच किए ही मामले का निस्तारण दिखा दिया गया। शिकायतकर्ता राम जन्म पाल सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जेई और विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर सही जांच करने के बजाय भ्रामक या झूठी आख्या लगाकर शिकायत बंद कर दी।
रात के समय दर्जनों ग्रामीण एकत्र होकर विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में उपलब्ध ऑनलाइन भुगतान की रसीदें और विभागीय दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जिलाधिकारी कार्यालय एवं उच्च विद्युत अधिकारियों का घेराव करेंगे।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी ऑनलाइन भुगतानों का विभागीय सर्वर में तत्काल समायोजन कराया जाए तथा जनसुनवाई पोर्टल पर गलत या भ्रामक आख्या लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।








