बारिश और अंधेरे में पूरी रात फाल्ट खोजती रही टीम, सुबह सिरौली के पास टूटा तार मिला; मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल करने में जुटा विभाग
फर्रुखाबाद | UPPCL MEDIA
फर्रुखाबाद जनपद के नवाबगंज नगर स्थित विद्युत उपकेंद्र को नीमकरौली से विद्युत आपूर्ति देने वाली 33 केवी मुख्य लाइन में सोमवार देर रात तकनीकी खराबी आने से 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। रात करीब 9:35 बजे लाइन में फाल्ट आने पर उसे ब्रेकडाउन घोषित कर दिया गया, जिसके बाद हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
फाल्ट की सूचना मिलते ही एसएसओ पवन तिवारी ने तत्काल एसडीओ विद्यासागर और जेई दीपक राम को अवगत कराया। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर लाइनमैनों की टीम रात में ही फाल्ट की तलाश में निकल पड़ी।
लाइनमैन गौरव सिंह, मुकेश कुमार, वीर सिंह, विकास यादव और प्रमोद कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने पूरी 33 केवी लाइन की पैदल पेट्रोलिंग करते हुए एक-एक विद्युत पोल पर चढ़कर तारों और इंसुलेटरों की जांच की। लगातार बारिश और घने अंधेरे के कारण पूरी रात तलाश के बावजूद खराबी का पता नहीं चल सका।
मंगलवार सुबह करीब 6 बजे गांव सिरौली के पास नलकूप संख्या-21 के निकट 33 केवी लाइन का तार टूटा हुआ मिला। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार तार जोड़ने और लाइन को सुरक्षित करने के बाद विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल करने का प्रयास किया गया।
बिजली आपूर्ति ठप रहने से नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उमस, मच्छरों और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इनवर्टर जवाब देने से अधिकांश घरों में अंधेरा छाया रहा, जबकि मोबाइल चार्जिंग और अन्य घरेलू कार्य भी प्रभावित रहे।
एसडीओ विद्यासागर ने बताया कि रात में ही टीम को फाल्ट खोजने के लिए भेज दिया गया था, लेकिन बारिश और अंधेरे के कारण खराबी का पता नहीं चल पाया। सुबह सिरौली के पास टूटा तार मिलने के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया और जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने की कार्रवाई की गई।
UPPCL MEDIA विश्लेषण
लगातार बारिश के मौसम में 33 केवी जैसी महत्वपूर्ण लाइनों की नियमित पेट्रोलिंग और समय पर मेंटेनेंस अत्यंत आवश्यक है। मुख्य फीडर पर एक तार टूटने से 100 से अधिक गांवों की बिजली बाधित होना यह दर्शाता है कि संवेदनशील लाइनों की निगरानी और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।








