बिजली चोरों पर शिकंजा कसने वाला JE खुद सवालों के घेरे में!

बरनाहल में विभाग की साख पर लगा सबसे बड़ा सवाल

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी के खिलाफ रोज अभियान चलाए जाते हैं। गरीब उपभोक्ता के घर से कटिया मिलने पर एफआईआर दर्ज हो जाती है, हजारों-लाखों का जुर्माना ठोक दिया जाता है। लेकिन जब बिजली चोरी का आरोप विभाग के ही एक जूनियर इंजीनियर पर लगे, तो पूरा सिस्टम अचानक मौन क्यों हो जाता है?

बरनाहल में तैनात जेई रविशंकर सिंह पर बिजली चोरी के आरोप कोई चौराहे की चर्चा नहीं, बल्कि ऊर्जा मंत्री तक पहुंची आधिकारिक शिकायत का हिस्सा हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष ने बाकायदा वीडियो और साक्ष्यों के साथ शिकायत दी। बताया गया कि जांच समिति ने भी ट्रांसफर की संस्तुति कर दी, लेकिन कार्रवाई आज तक फाइलों में दबी हुई है।

क्या कानून सिर्फ जनता के लिए है?

  • एक गरीब किसान का मीटर गड़बड़ मिले तो विभाग उसे “बिजली चोर” घोषित कर देता है।
  • एक दुकानदार पर बकाया निकल आए तो कनेक्शन काट दिया जाता है।

लेकिन यदि विभाग का अपना अधिकारी बिजली चोरी के आरोपों में घिर जाए तो जांच… रिपोर्ट… समीक्षा… और इंतजार!

वायरल वीडियो ने खोली पोल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पूरे मामले को जनता की अदालत में ला खड़ा किया है। सवाल यह है कि यदि वीडियो फर्जी है तो विभाग खुलकर सफाई क्यों नहीं दे रहा? और यदि वीडियो सही है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

जनता पूछ रही है…

🔴 क्या जेई होने का मतलब कानून से ऊपर होना है?

🔴 क्या विभाग अपने अधिकारियों को बचाने में लगा है?

🔴 क्या बिजली चोरी सिर्फ आम जनता का अपराध है?

🔴 अगर यही आरोप किसी उपभोक्ता पर होते तो क्या उसे भी इतनी मोहलत मिलती?

ऊर्जा मंत्री तक पहुंची शिकायत, फिर भी खामोशी क्यों?

जब मामला सीधे ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में पहुंच चुका है और रिपोर्ट मांगी जा चुकी है, तब भी कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े करता है। यह सिर्फ एक जेई का मामला नहीं, बल्कि पूरे बिजली विभाग की विश्वसनीयता का प्रश्न बन चुका है।

UPPCL MEDIA की सीधी मांग

👉 वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।

👉 जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

👉 दोषी पाए जाने पर वही कार्रवाई हो जो आम उपभोक्ता पर होती है।

👉 विभाग बताए कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

अहम सवाल-

“जब बिजली चोरी पकड़ने वाला ही बिजली चोरी के आरोप में घिर जाए, तो जनता किस पर भरोसा करे?”

बरनाहल का मामला सिर्फ एक जेई का नहीं, बल्कि सिस्टम की नीयत और नीति की अग्निपरीक्षा है। अगर दोषी आम आदमी होता तो शायद जेल पहुंच चुका होता, लेकिन अफसर होने का विशेषाधिकार आखिर कब तक?

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    RTI में खुला खेल! क्या विभाग अपने ही बनाए ‘गुप्त नियमों’ से चला रहा है व्यवस्था?

    आरटीआई के जवाब में चौंकाने वाला खुलासा—नियमावली में प्रावधान नहीं, फिर भी कर्मचारियों से कराया जा रहा काम! लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के एक आरटीआई जवाब ने…

    केस्को में स्मार्ट मीटर पोर्टल की समीक्षा, पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश

    सुश्री नेहा जैन ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि पोर्टल पर डेटा अद्यतन रखने के साथ-साथ रिपोर्टिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे स्मार्ट मीटर स्थापना की…

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights