बिजली विभाग ने थमाया 22.96 लाख का गलत बिल, जांच हुई तो निकला केवल 65,321 रुपये

बिहार के सीतामढ़ी में बिजली विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू उपभोक्ता संतोष मंडल को गलती से 22.96 लाख रुपये का बिल भेज दिया गया। शिकायत के बाद जांच में गलती साबित हुई और विभाग ने सही बिल जारी किया।

बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सीतामढ़ी में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही करते हुए एक घरेलू उपभोक्ता को भारी-भरकम बिल भेज दिया। बिजली विभाग ने संतोष मंडल नाम के उपभोक्ता को 22.96 लाख रुपये का गलत बिल थमा दिया गया। लाखों में बिजली का बिल देखकर वह घबरा गए और तुरंत बिजली विभाग के लोक शिकायत निवारण अधिकारी (PGRO) के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई।

वहीं जांच के बाद अधिकारियों ने अपनी गलती मानी और संतोष मंडल को तुरंत नया और सही बिल जारी किया। असल में उन्हें केवल 65,321 रुपये चुकाने थे। बता दें सीतामढ़ी में अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।

बिल देखकर कैसा था संतोष का रिएक्शन
मंडल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं बिल्कुल हैरान रह गया था। पहले तो लगा कि कोई मजाक है, लेकिन जब देखा कि ये बिल आधिकारिक रूप से जारी किया गया है, तब समझ गया कि अब मुझे तुरंत कुछ करना होगा।” संतोष मंडल का गलत बिल मिलने का मामला नया नहीं है। इनसे पहले भी लोगों को गलत बिल मिल चुके हैं। बाजितपुर के एक और उपभोक्ता को भी गलत बिजली बिल मिला, जिसमें असली बकाया 43,717 रुपये की जगह 58,268 रुपये दिखाया गया।

सीतामढ़ी जिले में अक्सर आती रहती है शिकायतें
सीतामढ़ी जिले में बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के बीच उपभोक्ताओं के लिए पीजीआरओ केंद्र बड़ी मदद साबित हो रहे हैं,। हालांकि, इन कार्यालयों में शिकायत करने वालों की लगातार भीड़ बनी रहती है, जिससे साफ होता है कि बिजली बिलिंग सिस्टम में गहरी खामियां हैं। जिले में लगातार हो रही बिजली की गड़बड़ियों की वजह से यहां की बिजली बिलिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि गलत बिजली बिल केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि इसका सीधा असर उनकी जिंदगी पर पड़ता है। लोगों को बिल ठीक करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनका काफी समय खराब होता है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights