उपभोक्ता तो दूर की बात …. भगवान के घर को भी नहीं छोड़ा भ्रष्टाचारियों ने, बिना मीटर लगाए ही, 6232 यूनिट का भेज दिया 89,317 रुपये की बिजली बिल, काटी आरसी

अमिला। भष्ट्राचार का यह मामला उपभोक्ता का नहीं बल्कि भगवान के मंदिर का है। बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर मंदिर समिति के लोगों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मामला अमिला नगर पंचायत क्षेत्र घोसी तहसील क्षेत्र के चिरैयाडाड़ स्थित शिव मंदिर का है, जहां बिजली विभाग द्वारा 89317 रुपए का बिल भेज दिया गया है। जबकि शिव मंदिर पर बिजली विभाग द्वारा अभी तक कोई भी मीटर नहीं लगाया गया है। वहीं बिजली विभाग द्वारा भेजे गए बिजली बिल में मीटर द्वारा 6232 यूनिट बिजली चलने का दावा किया गया है। जिसे लेकर मंदिर समिति के लोगों में काफी आक्रोश है। साथ ही उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बिल को निरस्त करने की मांग किया।

शिव मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि मंदिर पर बिजली विभाग द्वारा अक्तूबर 2017 में कनेक्शन कर दिया गया था, कई बार कहने के बाद भी अभी तक मीटर नहीं लगाया गया और न ही कभी बिल आया। एक ही बार में 89 हजार 317 रुपये का बिल भेज दिया गया और आरसी काट दी गई, जबकि लेकिन बिजली विभाग द्वारा मीटर आज तक नहीं लगाया गया है। जबकि फोरलेन चौड़ीकरण के समय बिजली कनेक्शन के बाद ही मुआवजा देने की बात कही गयी है। बिजली विभाग द्वारा 89 हजार 317 रुपये का बिल भेज दिया गया व आरसी काट दिया गया है।

वहीं शिव मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विनोद कुमार की माने, तो उपरोक्त बिल को लेकर बिजली विभाग डरा धमका रहा है। शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जिसे लेकर बिजली विभाग का चक्कर लगाते लगाते थक गया हूं।

इस संबंध में अवर अभियंता विद्युत उपकेंद्र पांडेयपार सत्यदेव सरोज ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि मीटर नहीं लगा है, तो लगवा दिया जाएगा और बिल रिवाइज कर दिया जाएगा।

सवाल यह उठता है कि एक तरफ अवर अभियन्ता सत्यदेव सरोज इस मामले में पूरी तरह अनजान बन रहे है, तो दूसरी तरफ उन्हीं के रिपोर्ट पर राजस्व वसूली हेतु आर सी काट दी गई, यह कैसे सम्भव है जहां किसी पावर हाउस पर लाखों का बिल वकाया हो, और अवर अभियन्ता को जानकारी ही न हो। पूर्वाचंल विघुत वितरण निगम द्वारा भेजे गए बिजली बिल में मीटर द्वारा 6232 यूनिट बिजली चलने का दावा किया गया है, जिसे लेकर मंदिर समिति के लोगों में काफी आक्रोश है।

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