मुख्य अभियन्ता के संरक्षण में बबली बंटी का काला सामाज्य कायम

फतेहपुर। 20 वर्षो से अधिशाषी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड प्रथम के कार्यालय में कम्प्यूटर आपरेटर/लाईन मैन के पद पर तैनात निविदा कर्मी अरविन्द त्रिवेदी ने तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता प्रभाकर पाण्डेय के साथ मिल कर लगभग 300 विद्युत बिलों में भारी मात्रा में राजस्व का नुकसान करते हुये अनियमितता करने का मामला प्रकाश में आया है। यहीं नहीं संविदा कर्मी के रूप में एक साथ दो पद डिविजन में कम्प्यूटर आपरेटर एवं उसी डिविजन अन्तगर्त पावर हाउस पर लाइनमैन के रूप में कार्य करते हुए दोहरा मानदेय प्राप्त कर रहे है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निविदा कर्मी अरविन्द त्रिवेदी तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता प्रभाकर पाण्डेय का आपरेटर है और दोनो ने मिल कर विभाग को करोड़ों रूपये की राजस्व की हानि पहुंचाई है। हैरानी की बात यह है कि निविदा कर्मी अरविन्द त्रिवेदी का रूतबा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है, पावर कारपोरेशन, ऑडिट जॉच, लोकायुक्त व एसटीएफ स्तर तक की जॉच को दबवाकर सीना चौड़ाकर आज भी राजस्व हानि पंहुचाने का कार्य कर रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार निविदा कर्मी अरविन्द त्रिवेदी जनपद में स्पेशल आडिट कर रही टीम की गोपनीय बाते प्रभाकर पाण्डेय तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता जो वर्तमान समय में मथुरा में अधीक्षण अभियन्ता के पद पर तैनात है उन तक पहुंचाता है और उनके इसारे पर कार्यालय से पत्रावलियां गायब करता है एवं आडिट टीम को गुमराह भी कर रहा है।

बताते चले कि वितरण खण्ड प्रथम में 20 वर्षो से एक ही कार्यालय में तैनात निविदा कर्मी बेहद शातिर एवं अवैध रूप से करोड़ो अरबों का मालिक है, जिसके कारण उसका कोई खुलकर विरोध नहीं कर पाता ।

पूर्व में मिली शिकायतों को लेकर इस मामले में दिनांक 01.07.2023 को तत्कालीन अघ्यक्ष, पावर कारपोरेशन एम देवराज ने प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी को जॉचकर नियमानुसार कारवाई कर एवं उपरोक्त कारवाई से दिनांक 07.07.2023 तक अवगत कराने के लिये भी निर्देशित किया गया था, परन्तु आज लगभग 16 माह उपरान्त भी प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल जॉच नहीं कर सके, जब जॉच नहीं किया, तो उसकी रिपोर्ट कहॉ उपलब्ध करा सकेंगे।

सूत्रों की माने तो मुख्य अभियन्ता प्रयागराज व अधिशाषी अभियन्ता फतेहपुर के संरक्षण में अधीक्षण अभियन्ता फतेहपुर आदि अरविन्द त्रिवेदी बबली बंटी के रूप में कार्य करने के लिए जाने जाते है। यहीं कारण है कि इतने सालों से एक ही जगह पर जम कर करोड़ों का राजस्व नुकसान कर रहा है और अधिकारियों का सह प्राप्त है। निविदा कर्मी अरविन्द त्रिवेदी के पिता भी विभाग में कार्यालय सहायक पर तैनात थे उनकी भी तैनाती अधिशाषी अभियन्ता प्रथम फतेहपुर के कार्यालय में ही थी। अरविन्द त्रिवेदी के पिता की ही देन है कि जनपद फतेहपुर में राजनीति की तरह विभाग में परिवारवाद चल रहा है, उनके परिवार से जुंडे लगभग 40 की संख्या में संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहा है, जिसमें से आठ संविदा कर्मी एक साथ दो पद पर कार्य करते हुए दोहरा मानदेय प्राप्त कर रहे है।

दिखावे लिए दो कर्मियों पर एक साथ दो पदों का वेतन लेने की बैठी जांच
वैसे तो बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर बिजली बिल, कनेक्शन समेत अन्य जुड़े मामलों को लेकर धांधली का आरोप लगते ही रहते हैं। नया मामला विभाग के ही दो पदों का एक साथ वेतन लेने का सामने आया है।

डिविजन में कार्यरत कर्मी का यूएएन नम्बर और उपकेन्द्र में कार्यरत कर्मी का यूएएन नम्बर एक ही

प्रबन्ध निदेशक- पूर्वान्चल ने मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता (वितरण) प्रयागराज से मामले की जानकारी मांगी।, जिसके उपरान्त मुख्य अभियंता (वितरण) ने अधिषासी अभियंता से तीन दिन के भीतर जांच के साथ कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
बताते चले कि उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के तत्कालीन अघ्यक्ष एम देवराज समेत फतेहपुर जिलाधिकारी को विद्युत वितरण खंड प्रथम के दो कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार को लेकर शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि विद्युत वितरण खंड प्रथम के दो कर्मचारी ऑपरेटर पद पर तैनात हैं। दोनों ने वर्ष 2018 से 2021 के बीच ऑपरेटर के साथ निविदा लाइन मैन का भी वेतन लिया है। शिकायतकर्ता ने दोनों के बैंक. पीएफ, यूएएन समेत अन्य दस्तावेजी प्रमाण दिए हैं, जो एक ही हैं। इस मामले पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए गंभीरता दिखाते हुए मुख्य अभियंता (वितरण) प्रयागराज से संबंधित मामले में जांच का आदेश दिया।

ऑपरेटर
ऑपरेटर
लाइन मैन
लाइन मैन

जिसके उपरान्त अधीक्षण अभियंता ने दोनो पद पर कार्यरत दोनों कर्मियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को दिया है। इस मामले की पूरी रिपोर्ट तीन दिन के भीतर मांगी है, यह बात अलग है कि अधीक्षण अभियंता द्वारा दिया गया तीन दिन आज लगभग एक वर्ष हो गये, जॉच का ए शब्द भी आगे नहीं बढ़ा।

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