पूछा गया, ‘पति दूसरे शहर में था तो कैसे हुई प्रेग्नेंट?’, पत्नी का जवाब सपने में उसके पति आते थे और यही वजह है कि गर्भ ठहर गया

मामला बिहार के जगदीशपुर थाना क्षेत्र का है. जहाँ एक महिला के प्रेगनेंट होने पर बवाल मच गया. महिला की ननद इसी बात को लेकर डीआईजी के पास तक पहुंच गई. अब आप सोच रहे होंगे, कि ऐसा क्या हो गया?

दरअसल, महिला, जो प्रेगनेंट है, उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी. उसकी एक-डेढ़ साल की लड़की भी है. यहां तक तो सब ठीक था. महिला की ननद के मुताबिक, उसकी भाभी तीन महीने से प्रेगनेंट है. जबकि उनके भइया तो यहां है ही नहीं. वो तो सात महीने से कोलकाता में हैं. जॉब कर रहे हैं. तो ऐसे में उनकी भाभी प्रेगनेंट कैसे हो सकती हैं?

इसी बात को लेकर ननद भड़क गई. वो डीआईजी विकास विभव के पास पहुंच गई. और DNA टेस्ट की मांग करने लगी. डॉक्टरों ने जब जांच की तो मालूम चला कि बच्चा तीन महीने में 12 दिन कम है.

ननद तो भड़की ही, उस महिला के पति ने भी सवाल करना शुरू कर दिया कि ये बच्चा किसका है. पर महिला ने कोई जवाब नहीं दिया. पूरे घर वालों को जब इस बात का पता चला, तब महिला ने कहा कि घर में रखना है तो रखो, नहीं तो… किसी झूठे केस में फंसा दूंगी. पर इस धमकी का कोई असर नहीं हुआ और परिवारवालों ने उसे घर में रखने से साफ मना कर दिया.

बात यहीं खत्म नहीं हुई. घरवालों ने जब महिला को साथ में रखने से मना किया तो पंचायत बैठी. वहां पर महिला ने कहा बच्चा उसके पति का ही है. सपने में उसके पति आते थे. और यही वजह है कि गर्भ ठहर गया. अब आप खुद सोचिए, इस बात पर कौन भरोसा करेगा? खैर.

पंचायत के दौरान ही महिला का फोन भी चेक किया गया. और उनके फोन में नंबर मिला. एक लड़के का. तब जाकर पोल खुली कि ये बच्चा उस लड़के का है, और ये उसके साथ एक रिलेशन में है.

  • रिपोर्ट- यूपीपीसीएल मीडिया डेस्क

    हम सब जानते है कि मीडिया संविधान का चौथा स्तंभ के रूप में कार्य करती है। इसके साथ ही हमारा मानना है कि पत्रकार एक विपक्ष का का कार्य करती है। यूपीसीएल मीडिया नामक व्हाट्सप्प ग्रुप की शुरूवात ऊर्जा क्षेत्र के लिए समाचार संकलन का कार्य कर रहे कुछ पत्रकार, जिसमें प्रमुख रूप से अविजित आन्नद, वेद प्रकाश, रवि शर्मा व आकिब शामिल रहे, ने शक्ति भवन, लखनऊ परिसर में किया, उस समय किसी भी प्रकार को यह अंदाजा नहीं था, कि कुछ ही समय में यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प गु्रप विभाग में इतना लोक प्रिय हो जायेगा। यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प ग्रुप का विभाग में लोकप्रियता को देखते हुए आज यूपीसीएल मीडिया एक व्हाट्सप्प ग्रुप से एक कदम आगे वढ़ाते हुए समाचार क्षेत्र में भी कार्य करना प्रारम्भ किया। यूपीसीएल मीडिया ऊर्जा क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों या कर्त्तव्यों को देखते हुए प्रिंट/वेब संस्करण के रूप में कार्य प्रारम्भ की है। यूपीसीएल मीडिया में हम यही करने की कोशिश कर रहे है और बिना आप सभी के सहयोग के यह संभव नहीं है। अतः मैं गुजारिश करूंगा कि बिजली उपभोक्ता एवं ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारीयों के बीच बेहतर सामंजस्य के लिए हमारे साथ शामिल हो। आप सभी को मेरी शुभकामनाएँ !!

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    200 यूनिट खपत, 700 यूनिट का बिल! मनमानी बिलिंग से त्रस्त उपभोक्ता, निगम ने झाड़ा पल्ला—बिलिंग एजेंसी पर डाली जिम्मेदारी

    बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर इन दिनों सीधा हमला हो रहा है। जिले भर में मनमाने और बढ़े-चढ़े बिजली बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं, लेकिन राहत के नाम पर सिर्फ…

    नोएडा में ‘नियम ऑफ’ और ‘रिश्वत ऑन’ मॉडल बेनकाब- पोस्टिंग के नाम पर ₹60 लाख की अवैध वसूली, पोल शिफ्टिंग में करोड़ों का खेल

    बिजली विभाग का नोएडा सर्किल अब बिजली आपूर्ति का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार आपूर्ति का हब बनता जा रहा है। पोस्टिंग के नाम पर लाखों की वसूली, बिना प्राक्कलन पोल शिफ्टिंग,…

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    बिजली बिल के 13.86 लाख रुपये हड़पने वाला कर्मी निलंबित, अब गबन का केस दर्ज

    बिजली बिल के 13.86 लाख रुपये हड़पने वाला कर्मी निलंबित, अब गबन का केस दर्ज
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights