मया बाजार बाकरगंज में अघोषित बिजली कटौती से हाहाकार, 24 घंटे में सिर्फ 8-10 घंटे मिल रही सप्लाई
बाकरगंज/अयोध्या। मया बाजार स्थित बाकरगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों और बाजारों में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच उपभोक्ताओं को 24 घंटे में मुश्किल से 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लगातार हो रही कटौती के कारण लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी व्याप्त है।
स्थानीय व्यापारियों मो. इरफान, राम जन्म, सुरेंद्र कुमार, राजेश वर्मा, रामजी गुप्ता और मनोज गुप्ता ने बताया कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि घरों और दुकानों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। बाजार की अधिकांश दुकानों में फ्रिज बंद पड़े हैं, जिससे दूध, दही, पनीर समेत अन्य खाद्य सामग्री खराब हो रही है। कई मेडिकल स्टोरों में जीवन रक्षक दवाओं के सुरक्षित भंडारण पर भी संकट खड़ा हो गया है।
क्षेत्र में बिजली न मिलने से पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। नलकूप और मोटरें बंद रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, किसानों की धान रोपाई संकट में
बिजली संकट का असर अब बच्चों की शिक्षा और किसानों की खेती पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मानापारा निवासी गीता देवी ने बताया कि लगातार बिजली गायब रहने से बच्चों की पढ़ाई और ऑनलाइन कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं जरही के किसान दिनेश वर्मा का कहना है कि धान की रोपाई का महत्वपूर्ण समय चल रहा है, लेकिन बिजली न होने से बोरिंग नहीं चल पा रही हैं। खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
शिकायत पर मिलता है वही पुराना जवाब
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबरों और अधिकारियों से संपर्क करने पर हर बार “ओवरलोड” और “फाल्ट” का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है। लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय विभाग केवल बहानेबाजी में लगा हुआ है।
जेई ने मानी समस्या, नए ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव भेजने की बात कही
जब इस संबंध में जूनियर इंजीनियर सूरज गुप्ता से बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि 33 केवी लाइन में लगातार फाल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इसी कारण निर्धारित शेड्यूल से अधिक कटौती करनी पड़ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है और स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब प्रदेश सरकार ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, तब मया बाजार बाकरगंज के हजारों उपभोक्ता आखिर किसकी लापरवाही की कीमत चुका रहे हैं? भीषण गर्मी में लोगों को राहत कब मिलेगी और विभाग ओवरलोडिंग की समस्या का स्थायी समाधान कब करेगा? यह सवाल अब क्षेत्र की जनता खुलकर पूछ रही है।








