UPPCL MEDIA | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
गोंडा। बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के अंतर्गत एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि बिना किसी बकाया या ओवरड्यू के बावजूद उसके घर की बिजली सप्लाई बार-बार बाधित की जा रही है। मामला विद्युत वितरण खंड गोंडा से जुड़ा है, जहां स्मार्ट मीटर लगाने के बाद से उपभोक्ता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित उपभोक्ता (खाता संख्या: 1299541551, मीटर संख्या: P012187254) के अनुसार, अप्रैल माह में तीन बार लंबी अवधि तक बिजली काटी गई।
- 13 अप्रैल दोपहर 12 बजे से 14 अप्रैल शाम 3:55 तक करीब 27 घंटे 55 मिनट सप्लाई बाधित रही।
- 22 अप्रैल रात 8 बजे से 23 अप्रैल सुबह 2:58 तक लगभग 18 घंटे 58 मिनट बिजली गुल रही।
- 28 अप्रैल दोपहर 11 बजे से 29 अप्रैल तक फिर सप्लाई बाधित कर दी गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि उपभोक्ता के खाते में न तो कोई बकाया है और न ही निगेटिव बैलेंस। इसके बावजूद बार-बार सप्लाई काटे जाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पीड़ित ने बताया कि उसने 1912 हेल्पलाइन, चैटबॉट और संबंधित JE को कई बार शिकायत दी, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उल्टा, JE द्वारा स्मार्ट मीटर में खराबी की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया।
अब बड़ा सवाल यह है कि बिना बकाया के आखिर किस नियम या विद्युत अधिनियम 2003 की किस धारा के तहत उपभोक्ता की बिजली काटी जा रही है? क्या स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत की बजाय नई मुसीबत बनती जा रही है?
उपभोक्ता ने विभाग से स्पष्ट जवाब और स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
UPPCL की स्मार्ट मीटर नीति पर उठे सवाल—क्या जिम्मेदार तय होंगे या यूं ही झेलते रहेंगे उपभोक्ता?







