UPPCL MEDIA की रिपोर्ट
आंधी आई, पोल गिरे, बिजली गई… लेकिन जवाबदेही किसकी?
बस्ती। 29 अप्रैल की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है।
बड़गो और नाऊडाड क्षेत्र में मनवर नदी के पास 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से पोल और तार टूट गए, वहीं तेज हवाओं ने 7 अन्य बिजली पोल भी धराशायी कर दिए। नतीजा—कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।

विद्युत विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है, हाइड्रा मशीन से नए पोल लगाए जा रहे हैं, लेकिन बड़ा सवाल यही—
क्या हर आंधी-बारिश में बिजली व्यवस्था ऐसे ही धराशायी होती रहेगी?
विभाग ने शाम तक आपूर्ति बहाल होने का दावा किया है, मगर 36 घंटे की कटौती ने सिस्टम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
UPPCL MEDIA सवाल पूछता है:
➡️ क्या बिजली ढांचे का समय रहते रखरखाव हुआ था?
➡️ क्या संवेदनशील लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई की गई थी?
➡️ उपभोक्ताओं को आखिर कब तक ऐसी बदहाली झेलनी पड़ेगी?







