शक्ति भवन की आग: हादसा या साजिश? जले फाइलों के साथ कई सवाल भी राख!

UPPCL Media – विशेष खोजी रिपोर्ट

लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के मुख्यालय शक्ति भवन में बीती रात लगभग 8:42 बजे लगी आग अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आग शक्ति भवन के पांचवें फ्लोर पर लगी, जहां आईटी डिपार्टमेंट, डीपी डिपार्टमेंट और मुख्य अभियंता (हाइडिल) का कार्यालय स्थित है।

इस फ्लोर पर रखी गई कई अत्यंत महत्वपूर्ण और गोपनीय फाइलें आग की भेंट चढ़ गईं। बताया जा रहा है कि इन फाइलों में –

  • अधिकारियों के आरोप पत्र और निर्णय पत्र

  • गोपनीय एवं अति गोपनीय रिपोर्ट्स

  • कई कंपनियों / प्रतिष्ठानों के बकाया संबंधी एसआईआर रिपोर्ट

  • विभिन्न प्रशासनिक और विभागीय संवेदनशील दस्तावेज

जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सामग्री शामिल थी।

आग में मुख्य अभियंता कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड के साथ-साथ अधीनस्थ अधिकारियों —
अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता और कार्यालय सहायकों से जुड़ी फाइलें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।

🔥 हादसा या लापरवाही?

प्राथमिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि किसी कर्मचारी द्वारा सिगरेट पीने के बाद जलता हुआ टुकड़ा ज्वलनशील पदार्थ पर फेंक दिया गया, जिससे आग भड़क उठी।

लेकिन सवाल यह है कि इतने संवेदनशील रिकॉर्ड वाले फ्लोर पर स्मोकिंग कैसे संभव हुई?
और अगर स्मोकिंग प्रतिबंधित है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

💻 ई-ऑफिस के बावजूद रिकॉर्ड ऑफलाइन क्यों?

सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने के बावजूद इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन क्यों नहीं किए गए?

जबकि विभागीय आदेशों के अनुसार अधिकांश रिकॉर्ड डिजिटल आर्काइव में सुरक्षित होना चाहिए था।

🌐 वेबसाइट बदलते ही गायब हुआ पुराना रिकॉर्ड?

UPPCL Media की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है।

सूत्रों के अनुसार 1980 से दिसंबर 2024 तक के लगभग सभी आधिकारिक आदेश ऑनलाइन उपलब्ध थे, लेकिन वर्तमान अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के बाद नई वेबसाइट शुरू की गई, जिसमें पुराने रिकॉर्ड को शामिल नहीं किया गया।

परिणाम यह हुआ कि अब वेबसाइट पर सर्च करने पर पुराने आदेश दिखाई ही नहीं देते, केवल नए आदेश ही सामने आते हैं।

🏢 सुशांत गोल्ड सिटी का बकाया भी जली फाइलों में?

सूत्रों का दावा है कि आग में जले दस्तावेजों में “सुशांत गोल्ड सिटी” नामक परियोजना से जुड़ा बकाया और एसआईआर रिपोर्ट भी शामिल था।

बताया जा रहा है कि चार दिन पहले ही उक्त कंपनी के प्रतिनिधि पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष से मुलाकात कर चुके थे। इसी के बाद से विभागीय हलकों में चर्चा थी कि आने वाले समय में कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है

हालांकि इस नाम का खुलासा सूत्रों के हवाले से किया जा रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि UPPCL Media नहीं करता।

❗ कई बड़े सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं:

  • इतनी संवेदनशील फाइलें डिजिटल रिकॉर्ड में क्यों नहीं थीं?

  • स्मोकिंग जैसी लापरवाही इतने सुरक्षित कार्यालय में कैसे हुई?

  • वेबसाइट बदलने के बाद पुराने आदेश गायब क्यों हो गए?

  • आग लगने का समय और जले दस्तावेजों की प्रकृति क्या महज संयोग है?

⚡ अब जांच से ही खुलेगा सच

शक्ति भवन की यह आग अब महज एक आगजनी की घटना नहीं, बल्कि दस्तावेजों के साथ जुड़े संभावित रहस्यों की कहानी बनती जा रही है। यदि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो कई अहम सच हमेशा के लिए राख में दब सकते हैं।

UPPCL Media इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी निगाह बनाए हुए है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

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