यूपीपीसीएल की लापरवाही फिर हुई उजागर – 2 किलोवाट का कनेक्शन, लेकिन मीटर में 16 किलोवाट की रीडिंग!

📍 स्थान: सिंघार नगर, अलीगंज, लखनऊ
📄 प्रार्थी: विद्याधर मिश्रा (559/8A, वृन्दावन नगर, अलीगंज)

👉 मामला क्या है?

विद्याधर मिश्रा नामक उपभोक्ता ने 2 किलोवाट का घरेलू बिजली कनेक्शन लिया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उनके बिजली मीटर पर 16 किलोवाट की रीडिंग दर्शाई जा रही है। इससे साफ जाहिर है कि या तो तकनीकी गड़बड़ी है या विभागीय लापरवाही।

⚡ मीटर की गड़बड़ी या विभागीय चालाकी?

  • प्रार्थी ने कई बार क्षेत्रीय उपकेंद्र और जेई से संपर्क किया।

  • हर बार सिर्फ आश्वासन मिला: “आज ठीक हो जाएगा”, “कल हो जाएगा”

  • आज तक कोई सुनवाई नहीं, और उल्टा बिजली का बिल बढ़ने का डर सताने लगा है।

  • उपभोक्ता साफ कहता है कि उसका कोई ऐसा लोड नहीं है जिससे 16KW तक बिजली खपत हो।

❗ क्या बिजली विभाग जानबूझकर उपभोक्ताओं को लूट रहा है?

इस तरह की तकनीकी गलतियाँ सिर्फ ग़लती नहीं, जनता के साथ धोखा भी हो सकती हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि बिल बढ़ाकर अवैध वसूली की जा रही है, और जब उपभोक्ता शिकायत करता है तो उसे टालमटोल का शिकार बनाया जाता है।

📢 सवाल उठता है – कब तक झेलेगी जनता ऐसी लापरवाही?

  • क्या हर बार शिकायत लेकर भागना पड़ेगा?

  • क्या “कल हो जाएगा” ही यूपीपीसीएल की नई कार्यसंस्कृति है?

  • आखिर कब तक उपभोक्ताओं से ऐसे मनमाने बिल वसूले जाते रहेंगे?

🗣️ यूपीपीसीएल को देना होगा जवाब!

UPPCL MEDIA NEWS इस मामले को प्रमुखता से उठाता है और विभागीय अधिकारियों से मांग करता है कि:

✅ मीटर की तुरंत जांच हो
✅ गलत लोड को ठीक किया जाए
✅ उपभोक्ता को मानसिक व आर्थिक क्षति से राहत दी जाए
✅ दोषी जेई या कर्मियों पर कार्रवाई हो

📸 साक्ष्य के तौर पर विद्याधर मिश्रा द्वारा लिखा गया प्रार्थनापत्र प्रस्तुत है (ऊपर चित्र में)।

📍 रिपोर्टर – UPPCL MEDIA
📞 संपर्क – [बिजली मीटर संख्या: 7609483539]

अगर आप भी बिजली विभाग की लापरवाही के शिकार हैं तो हमें भेजें अपनी शिकायतें –
📩 uppclmediaofficial@gmail.com
📱 #UPPCLMediaNews | #बिजली_घोटाला | #UPPCL_Expose

बताइए, क्या ऐसे ही चलता रहेगा बिजली विभाग?

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights