हजार, लाख और करोड़ नहीं पूरे 7 अरब 99 करोड़ का बिजली बिल, उपभोक्ता के उड़े होश

अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली बिजली विभाग का एक और कारनामा उजागर हुआ है. जहां जिले में बिजली विभाग आराजीबाग मोहल्ला निवासी को पहला बिल सात अरब 99 करोड़ रुपये का भेज दिया है. इसे देख उपभोक्ता के होश उड़ गए. उनके पति डॉ. बिजेंद्र राय ने पहले मौखिक रूप से अधिकारियों से शिकायत की. जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने लिखित रूप से भी अधिशासी अभियंता से इसकी शिकायत की।

उन्होंने अगले बिल में सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक बिल में यह धनराशि आती है जो बिजली विभाग के कारनामों की पोल खोल रही है. वहीं अब बिल सामने आने के बाद विभाग की किरकिरी शुरू हो गयी है और अब इस मामले में कोई भी जिम्मेदार कुछ भी बोलने से पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं।

बिजली का बिल अधिक आने पर पीड़ित प्राचार्य ने कहा कि अगर वे ही नहीं बल्कि उनका पूरा खानदान पूरी प्रॉपर्टी बेच भी दे तो भी बिल नहीं चुका सकते है. उन्होंने कहा कि बिजली बिल में सुधार के लिए उन्होंने अधिकारों से लिखित व मौखिक शिकायत की लेकिन अभी तक बिल में सुधार नहीं हुआ।

बिलरियागंज थाना क्षेत्र के श्री नगर सियरहा गांव निवासी डॉ. बिजेंद्र राय तरवां क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज प्राचार्य हैं। उनके अनुसार- उन्होंने पत्नी साधना राय के नाम पर आराजीबाग मोहल्ले में एक साल पहले घर बनवाया था। पत्नी के नाम पर ही घर का कनेक्शन है। निर्माण के दौरान ही उन्होंने बिजली का कनेक्शन मां साधना राय के नाम से अस्थाई कनेक्शन लिया. जब तक अस्थाई कनेक्शन था तब तक बिल सही आ रहा था. लेकिन उसके बाद जब विभाग ने स्थाई कनेक्शन दिया तो पहले महीने बिजली का बिल आया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. दिसंबर के महीने में उनका 94 यूनिट बिल बना था। बिजली विभाग ने 94 यूनिट का 7 अरब 99 करोड़ 99 लाख का बिल बनाकर भेज दिया। उन्होंने इस मामले की पहले मौखिक रूप से अधिकारियों से शिकायत की। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने लिखित रूप से भी अधिशासी अभियंता से कंप्लेन की। अधिकारियों ने अगले बिल में सुधार का आश्वासन दिया। लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ।

दरअसल 6 महीने से बिजली का बिल सात अरब 99 करोड़ रुपये का आया. जिसके बाद डॉ. बिजेंद्र राय ने इसकी मौखिक शिकायत के बाद लिखित शिकायत की लेकिन आज तक बिल में सुधार नहीं किया गया. पीड़ित डॉ. बिजेंद्र राय ने बताया हर बार केवल वह अगले महीने सुधार होने का आश्वासन देते रहे लेकिन आज 6 माह बीत चुका है बिल आज तक सही नहीं हुआ. पीड़ित प्राचार्य का कहना है कि वैसे तो यह विभाग की त्रुटि है लेकिन अगर उन्हें बकाया का भुगतान करना पड़ गया तो वे क्या उनका पूरा खानदान अगर पूरी प्रॉपर्टी भी बेच दे तो भी बिल नहीं भरा जा सकेगा।

मुख्य अभियंता नरेश कुमार के अनुसार मीडिया के माध्यम से हमें इसकी जानकारी हुई है. बिल की कॉपी को उनसे मंगवाया गया है. बिल के सुधार के लिए हम लोगों ने सोमवार को बुलाया है. बिल की जांच कराएंगे और बिल को दुरुस्त भी कराएंगे।

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