उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब सिक्योरिटी पर मिलेगा ब्याज, बिजली बिल में होगा समायोजित

UP Power Corporation: उत्तर प्रदेश के करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है. उपभोक्ताओं को उनकी जमा की गई सिक्योरिटी पर वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज दिया जाएगा. यह ब्याज कितना होगा और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या होगी आइए जानें।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 3.30 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. दरअसल, बिजली उपभोक्ताओं ने जो सिक्योरिटी राशि जमा करवाई है उस पर वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज दिया जाएगा. ब्याज की राशि की बात करें तो यह 6.75 फीसदी की दर से दी जाएगी. ब्याज की धनराशि को कस्टमर के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा. मई व जून के बिल में ब्याज की धनराशि कम करके कंपनियों द्वारा बिल बिजली जारी किया जाएगा।

303 करोड़ रुपये के करीब ब्याज
विद्युत अधिनियम-2003 के प्राविधानों के अतर्गत उपभोक्ताओं को हर वर्ष उनकी जमा करवाई गई सिक्योरिटी मनी पर मिलने वाले ब्याज को देना होगा. इस तरह का आदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन की ओर से जारी कर दिया गया है. बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि के तहत 4500 करोड़ रुपये जमा है। जिस पर करीब 303 करोड़ रुपये ब्याज बन रहा है, जिसे बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं को देंगी।

उत्‍तर प्रदेश के 3.30 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। विद्युत अधिनियम-2003 में दिए गए प्राविधानों के तहत उपभोक्ताओं को प्रत्येक वर्ष उनकी जमा सिक्योरिटी पर मिलने वाले ब्याज को देने का आदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने जारी कर दिया है। उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी पर वर्ष 2023-24 के लिए 6.75 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। ब्याज की धनराशि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित की जाएगी। मई और जून के बिल में उपभोक्ताओं को ब्याज की धनराशि कम कर बिल बिजली कंपनियां जारी करेंगी।

उदाहरण – एक किलोवाट के कनेक्शन पर 20 रुपये 25 पैसे मिलेगा ब्याज
यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन एक किलोवाट का है तो उसकी सिक्योरिटी धनराशि 300 रुपये बिजली कंपनियों के पास जमा है। इस सिक्योरिटी राशि पर उपभोक्ता को करीब 20 रुपये 25 पैसा ब्याज मिलेगा। यह धनराशि उपभोक्ता के बिजली बिल में समायोजित (घटा कर) कर बिल आएगा। इसी प्रकार कनेक्शन भार जितना होगा ब्याज की धनराशि उसी के हिसाब से बढ़ कर मिलेगी।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights