एक बार फिर बिजली की दर बढ़ाने की तैयारी, अब प्रति यूनिट 9.50 रुपए करने का प्रस्ताव

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के वित्तीय वर्ष 204-25 के टैरिफ प्रस्ताव से घरेलू उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है. निगम ने वर्तमान दर 6.65 रुपये प्रति यूनिट में 2.85 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है.

1 मार्च से ही शुरू हुआ है बिजली का नया टैरिफ
अगर यह मंजूर होता है, तो प्रति यूनिट दर बढ़ कर 9.50 रुपये हो जायेगी. वहीं, निगम ने फिक्स्ड चार्ज में भी भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने इसी साल फरवरी में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बिजली का टैरिफ की घोषणा की थी, जो एक मार्च से लागू हो गया है.

जून में हो सकती है नई टैरिफ पर सुनवाई
अब आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए टैरिफ पर सुनवाई की जायेगी, जिसकी घोषणा जून में संभव है. निगम ने टैरिफ प्रस्ताव जारी करते हुए जनता से आपत्ति की मांग है. लोग अपनी आपत्ति वेबसाइट या ई-मेल के जरिये दे सकते हैं. इसके अलावा पत्र के माध्यम से भी सचिव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

आयोग ने नकार दिया था लोड के आधार पर फिक्स्ड चार्ज वसूलने का प्रस्ताव
जेबीवीएनएल ने इस बार फिक्स्ड चार्ज को लोड के आधार पर करने का प्रस्ताव दिया है. यह पुरानी व्यवस्था थी, जिसे समाप्त किया जा चुका है. वर्तमान व्यवस्था के मुताबिक, यदि किसी उपभोक्ता के घर में चार किलोवाट का लोड है, तो उसे केवल 100 रुपये प्रतिमाह देने पड़ते हैं.

…तो 400 रुपए देने होंगे फिक्स्ड चार्ज
अगर टैरिफ प्रस्ताव के अनुसार लोड के आधार पर फिक्स्ड चार्ज वसूला गया, तो उसी उपभोक्ता को प्रति माह लगभग 400 रुपये देने पड़ेंगे. हालांकि, पिछले टैरिफ में आयोग ने लोड के आधार पर फिक्स्ड चार्ज वसूलने के प्रस्ताव को नकार दिया था.

आठ हजार करोड़ की बिजली खरीदेगा जेबीवीएनएल
जेबीवीएनएल द्वारा दिये गये टैरिफ प्रस्ताव में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में 5460.55 करोड़ रुपये की बिजली खरीद कर आपूर्ति की जा रही है. पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7905 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जायेगी. वहीं, अन्य खर्चों को मिलाकर कुल 10502.16 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी.

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights