लखनऊ। कपूरथला बड़ा चांदगंज स्थित पटेल पार्क में चोरी की बिजली से वैवाहिक समारोह कराए जाने पर पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने अधिशासी अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी, अवर अभियन्ता, लाइनमैन समेत पांच को निलंबित करने का आदेश दिया है। इन सभी बिजली चोरी की निगरानी में लापरवाही दोषी पाया है।
अंधेर नगरी चौपट राजा नामक कहावत को पटेल पार्क शादी प्रकरण में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की कार्रवाई करके आखिरकार साबित कर ही दिया।
यदि कोई व्यक्ति लाखों रुपए की शादी करता है और चंद रुपए विद्युत कनेक्शन के लिए बढ़ाने की सोचता है तो ऐसे व्यक्ति के ऊपर जब सरकारी डंडा पड़ता है तो वह उसका फल भोगता ही है, लेकिन उसके साथ-साथ उस क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी को भी भुगतना पड़ता है… यह कार्रवाई इसी प्रकार का एक हिस्सा है।
हमारी विवेचना के अनुसार उपरोक्त शादी जनरेटर से की जा रही थी सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग की टीम एक नहीं बल्कि दो-दो बार मैरित लॉन गई। अंतिम बार रात्रि 10ः00 बजे गेस्ट हाउस गई, लेकिन वहां पर विद्युत आपूर्ति जनरेटर से चलता हुआ मिला। ऐसी दशा में टीम सब कुछ देखकर वापस आ गई…. टीम के वापस आने के बाद उपरोक्त शादी में कटिया का प्रयोग किया गया…. ऐसी दशा में एक सवाल उत्पन्न होता है कि क्या विभाग पूरी रात ऐसे मामलों में रखवाली करेगा… सूचना मिलने पर अवर अभियंता विकास मिश्रा द्वारा मुकदमा भी दर्ज कराई जाती है क्या यह विभाग को नजर नहीं आ रहा है।
विभाग की नजर में क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष के अनुसार गत 17 को सूचना मिली थी कि बड़ा चांदगंज स्थित पटेल पार्क में कटिया लगाकर एक वैवाहिक समारोह आयोजित किया जा रहा है. यह भी बताया गया कि यहां अक्सर चोरी की बिजली से कार्यक्रम होते हैं।
अध्यक्ष ने संबंधित मुख्य अभियंता से तुरंत जांच के आदेश दिए. अवर अभियंता विकास मिश्रा ने रात नौ बजे से 10 बजे तक जांच की तो उस वक्त जनरेटर से शादी-विवाह कार्यक्रम हो रहा था, लेकिन दस बजे के बाद जेनरेटर बंद कर दिया गया और चोरी की बिजली से पार्क का वैवाहिक समारोह रोशन मिला. अवर अभियंता ने को टेंट हाउस संचालक अनुज कुमार गुप्ता के खिलाफ पावर कार्पोरेशन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन ने वीडियों क्रॉफेंसिंग में तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी, अवर अभियंता और दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिया. पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने बताया कि कपूरथला के पटेल पार्क में शादी-कार्यक्रम में बिजली चोरी हो रही थी. मेरे कहने पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर कराई गई. संबंधित अधिशासी अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी, अवर अभियन्ता समेत पांच को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
चिनहट की ढेरों शिकायतें
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान चेयरमैन ने कहा कि चिनहट और गोमती नगर के उपभोक्ताओं की ज्यादा शिकायते हैं. उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
इन पर गिरेगी गाज
गाज गिरने वाली अधिकारीयों/कर्मचारीयों में अधिशासी अभियन्ता उपेन्द्र कुमार तिवारी, उपखण्ड अधिकारी संतोष कुशवाहा, अवर अभियन्ता विकास मिश्रा, टीजी-2 विक्रमाजीत गुप्ता, लाइनमैन दिनेश सैनी शामिल है।
ऐसे मामले में कार्यवाही के नाम खामोश क्यों है??
चिनहट डिविजन में सालों से चल रहे बिलों में हेराफेरी कर करोड़ो की राजस्व की चपत लगाने वाले मास्टरमाइंड पवन मिश्रा और बरकत अली के खिलाफ हाल में ही आवाज प्लस बैनर द्वारा ऊजागर किये गये निजामपुर मल्हौर स्थित मदरसे में हुए बिल घोटाला के विभागीय जांच दो सदस्यीय जांच समिति के सदस्य अधिशासी अभियंता पवन वर्मा एवं अंकिता शुक्ला द्वारा जांच पूरी कर जांच आख्या मुख्य अभियंता लेसा ट्रांस गोमती आशीष अस्थाना के पास भेज दी गई, प्राप्त दस्तावेज के आधार पर उपरोक्त सहायक अभियन्ता पवन मिश्रा दोषी करार दिये गये है।

मुख्य अभियंता लेसा ट्रांस गोमती को सौंपी गई दो सदस्यीय जांच समिति की जांच आख्या से पवन मिश्रा का निलंबन लगभग तय है और तो और अधिक्षण अभियन्ता इंजीनियर यदू नाथ द्वारा वेश बदल कर किये सराहनीय पहल में भी सहायक अभियन्ता पवन मिश्रा दोषी करार है, फिर भी कारवाई नहीं, बल्कि जिसका कोई दोष नहीं उसके ऊपर कारवाई ही कारवाई…








