नोएडा। बारिश के मौसम में सड़कों पर गड्ढों और जलभराव से परेशान लोगों को राहत देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाया है। अब सड़क खोदकर उसे पूर्व स्थिति में बहाल नहीं करने वाले विभागों, बिजली कंपनियों, इंटरनेट केबल एजेंसियों और ठेकेदारों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने सभी वर्क सर्किल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे में उन स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां खुदाई के बाद सड़क या फुटपाथ की मरम्मत मानकों के अनुरूप नहीं की गई है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई होगी।
कार्रवाई की शुरुआत करते हुए प्राधिकरण ने सेक्टर-50 में जल एवं सीवर लाइन का कार्य करने वाले एक ठेकेदार का 5 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया है। जांच में पाया गया कि पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क को ठीक से बहाल नहीं किया गया, जिससे बारिश के दौरान गड्ढा बन गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि सड़क या फुटपाथ की खुदाई के बाद उसे पहले जैसी स्थिति में बहाल करना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है। यदि गुणवत्ता में कमी पाई गई तो केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि संबंधित विभाग और कंपनी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने वर्क सर्किल अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि यदि निगरानी में लापरवाही पाई गई तो संबंधित सीनियर मैनेजर के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य बारिश के दौरान शहरवासियों को सुरक्षित, बेहतर और गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराना तथा सरकारी कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।








