तीन महीने से बिना रीडिंग ‘घर बैठे’ बन रहे बिल! गोमती नगर जोन में व्यापारी त्रस्त, जबरन मीटर बदला, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था

लखनऊ | यूपीपीसीएल मीडिया रिपोर्ट

राजधानी लखनऊ के गोमती नगर जोन में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उच्च स्तरीय व्यापारी सुरेश चन्द्र गुप्ता (कंज्यूमर अकाउंट आईडी: 1142201000) पिछले तीन-चार महीनों से बिना मीटर रीडिंग के भेजे जा रहे बिजली बिलों से परेशान हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो बिलों में सुधार हुआ और न ही विभागीय अधिकारियों ने समाधान की कोई ठोस पहल की।

पीड़ित उपभोक्ता का आरोप है कि 07 दिसंबर 2026 को विभागीय कर्मियों ने पुराने मीटर में कमी बताकर जुर्माना ठोकने की धमकी दी और जबरन मीटर बदल दिया। इतना ही नहीं, मीटर बदलने के नाम पर 1000 रुपये की ‘प्रोसेसिंग फीस’ भी मौके पर वसूली गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नया मीटर लगने के बाद भी बिलिंग में वही लापरवाही जारी है — अब भी बिना वास्तविक रीडिंग के ‘घर बैठे’ बिल बनाए जा रहे हैं।

यह पूरा मामला मध्यांचल डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले गोमती नगर जोन का है, जहां मुख्य अभियंता सुशील गर्ग के नेतृत्व में कार्य व्यवस्था संचालित हो रही है। सवाल यह है कि जब उपभोक्ता लगातार शिकायत कर रहा है, मीटर भी बदला जा चुका है, फिर भी बिलिंग प्रणाली क्यों नहीं सुधर रही?

बड़े सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  • बिना मीटर रीडिंग के आखिर किस आधार पर बिल जारी हो रहे हैं?
  • मीटर बदलने के नाम पर वसूले गए 1000 रुपये किस नियम के तहत लिए गए?
  • नया मीटर लगने के बाद भी बिलिंग में सुधार क्यों नहीं?
  • क्या गोमती नगर जोन में ‘अनुमानित बिल’ बनाना ही अब स्थायी व्यवस्था बन चुकी है?
  • जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

उपभोक्ता का कहना है कि वह लगातार विभाग के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। इससे साफ है कि गोमती नगर जोन में बिलिंग व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है और उपभोक्ताओं को मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।

यदि राजधानी के वीआईपी जोन में यह हाल है, तो अन्य जिलों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

अब देखना यह है कि मध्यांचल डिस्कॉम के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में संज्ञान लेते हैं या फिर यह फाइल भी ‘धर बैठे बिलों’ की तरह धूल फांकती रहेगी।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ₹1.85 लाख के बिजली बिल ने ली जान, अब जागी सरकार! क्या जनता की मौत के बाद ही टूटेगी विभागीय नींद?

    लखनऊ/गाजीपुर।गाजीपुर में एक छोटे गुमटी संचालक को ₹1.85 लाख का बिजली बिल थमाया गया। आर्थिक रूप से कमजोर दुकानदार इस झटके को सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर…

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    हल्दी प्लांट ने मांगा था 20 किलोवाट, विभाग ने थोप दिया 75 किलोवाट का कनेक्शन; बिजली इस्तेमाल नहीं हुई, फिर भी वसूला लाखों का फिक्स चार्ज कुशीनगर के दुदही में…

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights