📛 यूपीपीसीएल मीडिया न्यूज़ | लखनऊ
विद्युत विभाग में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की ज़िंदगी कितनी सस्ती है, इसका ताज़ा उदाहरण इटौंजा विद्युत उपकेंद्र से सामने आया है। यहाँ मेसर्स क्विज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत जितेन्द्र कुमार मौर्य, दिनांक 25 जुलाई 2025 को HT लाइन पर कार्य करते समय गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन दर्दनाक हकीकत ये है कि कर्मचारी की जान से ज़्यादा अहम अधिकारियों को काग़ज़ और फॉर्म लग रहे हैं।
जितेंद्र कुमार मौर्य, जो मेसर्स क्विज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीन आउटसोर्सिंग से तैनात थे, आज चार दिन हो चुके हैं — वो KK अस्पताल में तड़प रहे हैं, और अधिकारी वेंडर कंपनी से पहचान पत्र तक नहीं दिलवा पाए!
🚑 भर्ती तो हुए, लेकिन इलाज अधर में!
घटना के बाद घायल जितेंद्र को लखनऊ के KK अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज तभी ठप पड़ गया जब परिजनों से “ई-आईडी पहचान पत्र” की मांग की गई। चार दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, पर कंपनी द्वारा पहचान पत्र जारी नहीं किया गया, जिससे उनका इलाज रुक-रुक कर हो रहा है।

🤬 अधिकारियों को जानकारी के बावजूद चुप्पी!
सबसे शर्मनाक बात यह है कि पूरे मामले की जानकारी विद्युत वितरण खण्ड बक्शी का तालाब के अधिशासी अभियंता को भी है – फिर भी अब तक ना कोई आर्थिक सहायता, ना पहचान पत्र, और ना ही कंपनी पर कोई दबाव!
क्या आउटसोर्स कर्मचारी की ज़िंदगी की कोई कीमत नहीं?
🤬 नंगा सच: ज़िम्मेदार सब जानते हैं, फिर भी सब चुप हैं!
✅ कंपनी पहचान पत्र नहीं दे रही
✅ अधिशासी अभियंता को सब पता है
✅ इलाज के लिए परिजन दर-दर भटक रहे हैं
✅ निगम मौन – जैसे कुछ हुआ ही नहीं
क्या यही है “न्यू उत्तर प्रदेश” की नई प्रशासनिक संवेदनशीलता?
🛑 सवाल जो उठ रहे हैं:
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चार दिन से ई-आईडी क्यों नहीं दी गई?
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क्या यही है विभाग का “श्रमिक सुरक्षा मॉडल”?
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क्या अधिशासी अभियंता का मूकदर्शक बनना लापरवाही नहीं?
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क्या कंपनी पर कोई जवाबदेही तय की जाएगी?
📣 यूपीपीसीएल मीडिया न्यूज़ की सख़्त मांग:
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घायल कर्मचारी जितेन्द्र कुमार मौर्य का तत्काल बेहतर इलाज कराया जाए
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कंपनी की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो
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बक्शी का तालाब अधिशासी अभियंता से जवाब लिया जाए
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आउटसोर्स कर्मचारियों की पहचान और बीमा नीति को सख्ती से लागू किया जाए
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