चिल्लर देकर ग्राहक ने चुकाया बिजली बिल, गिनती करने में लगे 5 घंटे, कर्मचारियों के छूटे पसीने

महावितरण की वसूली मुहिम के दौरान एक ग्राहक ने अपना बिजली बिल 1 और 2 रुपए के सिक्कों का भुगतान कर चुकाया। जिसे गिनने में बिजली विभाग के कर्मचारियों को 5 घटे लग गए और उनके पसीने छूट गए। इस वाकये का वीडियो भी सामने आया है।

बिजली बिल के लिए मिले सिक्कों को गिनते हुए बिजली विभाग के कर्मचारी
आज हम घर बैठे डिजिटल पेमेंट के जरिए लाखों-करोड़ों का भुगतान कर सकते हैं। डिजिटल पेमेंट के मामले में हमारा देश पूरी दुनिया में शीर्ष स्थान पर खड़ा है। लेकिन इतनी तरक्की उस वक्त धरे के धरे रह गई जब एक शख्स ने अपने बिजली बिल का भुगतान 1 और 2 के सिक्कों से किया। शख्स को बिजली बिल के तौर पर 7 हजार 160 रुपये चुकाने थे। जिसके लिए उसने 7160 रुपए के सिक्के देकर चुकाए। इस वाकये का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सिक्के गिनते कर्मचारियों का वीडियो आया सामने
वीडियो में बिजली विभाग के कर्मचारियों को सिक्के गिनते हुए देखा जा सकता है। उनके सामने रखे टेबल पर सिक्के ही सिक्के बिखरे हुए हैं। जिन्हें गिनकर वे एक क्रम से रख रहे हैं। मामला महाराष्ट्र के रिसोड़ शहर का बताया जा रहा है। जहां महावितरण की वसूली मुहिम के दौरान यह रोचक वाकया सामने आया। मामले को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक ने अपना 7 हजार 160 रुपये का बिजली बिल 1 और 2 रुपये के सिक्कों में चुकाया। इन सिक्कों का कुल वजन लगभग 40 किलो था।

सिक्कों को गिनने में लग गए 5 घंटे
महावितरण की वसूली मुहिम के कर्मचारियों ने इन सिक्कों को ग्राहक से लेकर कार्यालय तक दोपहिया वाहन पर एक किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे। जिसके बाद उन सिक्कों को गिनने के लिए बिजली विभाग के तीन कर्मचारियों को लगाया गया। कैशियर प्रशांत थोटे, लाइनमैन उद्धव गजभार और ठेका कर्मचारी अतुल थेर को इन सिक्कों को गिनने में कुल 5 घंटे का समय लग गया। सिक्के गिनने के दौरान कर्मचारियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इतनी ठंड के बावजूद उन्हें उन सिक्कों को गिनने में उनका पसीना छूट गया। चूंकि ये सिक्के प्रचलन में थे, इसलिए महावितरण कर्मचारियों को ग्राहक से सिक्के लेने से मना करने का अधिकार नहीं था। यह घटना महावितरण की वसूली प्रक्रिया के दौरान आई एक अनोखी चुनौती के रूप में दर्ज हुई है।

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