🔥 BREAKING | UPPCL MEDIA EXCLUSIVE 🔥
बदायूं (डिविजन-4) — बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ककराला पावर हाउस से सामने आया मामला न सिर्फ लापरवाही, बल्कि सिस्टम में गहरे बैठे “मैनेजमेंट गेम” की ओर इशारा करता है।
⚠️ क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, ककराला पावर हाउस में कुल 4 एसएसओ (SSO) तैनात हैं, लेकिन हकीकत में सिर्फ 3 एसएसओ ही नियमित ड्यूटी कर रहे हैं।
👉 एसएसओ विनोद यादव नाम का कर्मचारी
- आज तक पावर हाउस पर ड्यूटी करने नहीं आया
- इसके बावजूद उसे नियमित वेतन दिया जा रहा है
😡 ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों पर दबाव
- जो 3 एसएसओ मौके पर ड्यूटी कर रहे हैं, उन पर लगातार काम का दबाव
- हल्की सी लेटलतीफी पर भी
👉 राकेश कुमार यादव द्वारा लेटर जारी
👉 “कार्य से हटाने” तक की धमकी - यहां तक कि
❗ घर में इमरजेंसी होने पर भी राहत नहीं
❗ सीधे उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की सिफारिश
🧾 सबसे बड़ा सवाल: फेस अटेंडेंस का खेल?
आज के डिजिटल सिस्टम में जहां
👉 फेस अटेंडेंस अनिवार्य है,
तो फिर सवाल उठता है—
❓ जब विनोद यादव कभी पावर हाउस आया ही नहीं, तो उसकी फेस अटेंडेंस कैसे लग रही है?
➡️ क्या कोई दूसरा उसकी जगह अटेंडेंस लगा रहा है?
➡️ या फिर सिस्टम में ही बड़ा खेल चल रहा है?
⚡ गंभीर आरोप: “घर बैठे सैलरी सिंडिकेट”
स्थानीय कर्मचारियों का आरोप है कि:
- विनोद यादव से काम नहीं लिया जा रहा
- बल्कि उसके नाम पर सेटिंग कर सैलरी दिलाई जा रही है
- और बाकी कर्मचारियों से पूरा काम लिया जा रहा है
🚨 पहले भी शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
- यह मामला पहले भी अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया
- लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
🧨 UPPCL पर बड़ा सवाल
👉 क्या विभाग में “घोस्ट कर्मचारी” चल रहे हैं?
👉 क्या अधिकारी खुद इस खेल में शामिल हैं?
👉 क्या ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों को ही सजा मिलेगी?
📢 UPPCL MEDIA की मांग
✔ पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच
✔ फेस अटेंडेंस सिस्टम का ऑडिट
✔ दोषियों पर सख्त कार्रवाई
✔ ईमानदारी से काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षा व न्याय








