MVVNL में वेतन भुगतान में देरी, कर्मचारियों में नाराजगी

लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के इंजीनियर और कर्मचारियों को जुलाई माह की 6 तारीख तक वेतन न मिलने से भारी असंतोष फैल गया है। हर माह की पहली तारीख को वेतन मिलने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार वेतन न आने से कर्मचारी आक्रोशित हैं] लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों का धैर्य टूटता नजर आ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, वेतन भुगतान में देरी का कारण बजट आवंटन और तकनीकी प्रक्रियाओं में हुई रुकावट को बताया जा रहा है। हालांकि, निगम प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

MVVNL कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने बताया,

“हम समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, फिर भी हर महीने वेतन मिलने में देरी हो रही है। यह अस्वीकार्य है। यदि समय पर वेतन नहीं मिला, तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अधीन आने वाले सभी वितरण निगमों में समय से वेतन देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार और निगम प्रशासन की होती है। बीते कुछ महीनों से लगातार वेतन भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई हैं।

अब देखना यह है कि MVVNL प्रबंधन और ऊर्जा विभाग कब तक वेतन भुगतान सुनिश्चित कर पाते हैं और क्या यह मामला आगे आंदोलन का रूप लेगा। विभिन्न ज़िलों से मिली जानकारी के अनुसार वेतन भुगतान में तकनीकी कारणों और बजट आवंटन संबंधी अड़चनों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हालांकि निगम मुख्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

MVVNL कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वेतन भुगतान में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो वे कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं।

“कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना उनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति पर सीधा असर डाल रहा है। निगम को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।” – संघ पदाधिकारी

‘‘यूपीपीसीएल मीडिया’’ इस मुद्दे पर निगम प्रबंधन और ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

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