बिजली विभाग की त्रुटि ने शुभम की जान, बिल निकला 150 रुपये मात्र…. कौन है इस मौत का जिम्मेदार?

उन्नाव। बिजली विभाग की त्रुटि ने एक पिता अपने प्यारा बच्चा खो दिया। 8,223 रुपये रुपये का बिल संशोधित होकर सिर्फ 150 रुपये का निकला। शुभम की जान, बिल निकला 150 रुपये मात्र परिजनों के अनुसार ज्यादा बिजली का आने से आहत हो शुभम ने मौत को गले लगा लिया। एक सितंबर को बिल आया 1.09 लाख रुपये जबकि संशोधित कराने पर 16,377 हुआ। जबकि बिल संशोधित होकर सिर्फ 150 रुपये का निकला।

शुभम की मौत के बाद पिता व परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए तो अधिकारियों ने बिल की जांच कराई। जांच में चौकाने वाला मामला सामने आया। अब अधिकारी ऑनलाइन बिलिंग में साफ्टवेयर की त्रुटि के कारण रूपया 8,223 बिल आ गया, जो संशोधित होकर सिर्फ 150 रुपये का बना। मौत के बाद बिजली विभाग गलत बिल आने की सफाई दे रहे हैं।

बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी रवि यादव ने बताया कि सॉफ्टवेयर अपने आप बिल जनरेट करता है। बताया कि एक सितंबर को शुभम ने पॉवर हाउस पहुंचकर 1.9 लाख रुपये बिल आने की जानकारी दी थी, जिसे संशोधित कराया और 16377 रुपये जमा कराया गया। 14 सितंबर को बिल का भुगतान कर दिया गया। उपखण्ड अधिकारी के मुताबिक मीटर रीडर संजय ने सात अक्तूबर को मीटर की रीडिंग लेकर बिल निकाला तो 8233 रुपये बकाया दिखाया। बताया कि घर में मिली शुभम की पत्नी रेखा ने फिर इतना ज्यादा बिल आने की बात कही थी तो मीटर रीडर ने ऑनलाइन बिलिंग की वजह से गलत बिल आने की जानकारी दी थी और कार्यालय आकर सही कराने को कहा था।

पहले लाखों में और अगले महीने हजारों रुपये बिजली का बिल आने से परेशान श्रमिक ने बुधवार को फंदा लगाकर जान दे दी। शव भूसे की कोठरी में फंदे से लटका मिला। पिता ने बिजली विभाग के कर्मियों पर मनमाना बिल भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस दौरान ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। हालांकि, पुलिस ने समझाकर शांत कराया।

अचलगंज थाना क्षेत्र के कुशलपुर वसैना गांव निवासी शुभम राजपूत (30) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। पिता महादेव ने बताया कि शुभम ने वर्ष 2022 में 600 रुपये जमा करके घर में बिजली का कनेक्शन लिया था। घर में दो बल्ब, एक पंखा और एक टीवी के अलावा कोई बिजली उपकरण नहीं है। एक सितंबर 2024 को विभाग ने 1.09 लाख रुपये बिजली बिल भेज दिया। काफी भागदौड़ के बाद बिल संसोधित होकर 16,377 रुपये बना।

उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना पर जांच कराई गई है। साफ्टवेयर की गड़बड़ी से 1500 यूनिट का बिल आ गया है। जबकि केवल 33 यूनिट बिजली का बिल बकाया था। संशोधन कराया है अब केवल 150 रुपये ही बकाया है। उनका कहना है कि अगर मीटर रीडर के बताए अनुसार शुभम बिल लेकर आ जाता तो उसे तुरंत ही संशोधित कर दिया जाता। वह दबी जुबान खुदकुशी की वजह कुछ और होने का अंदेशा जता रहे हैं।

पिता महादेव ने बिजली विभाग पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बताया कि वह (पिता) और उनका बेटा मजदूरी करके परिवार पालते हैं। ज्यादा बिल आने और कम कराने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की जेब भरने से शुभम परेशान था। इसी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। घटना के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा किया, हालांकि पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। मृतक के दो बेटे हैं। अचलगंज एसओ राजेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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