सिंचाई विभाग की एनओसी बिना लाखों उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है बिजली संकट

लखनऊ। सिंचाई विभाग से एनओसी न मिलने से लेसा के विराजखंड, लौलाई उपकेंद्र की अडंर ग्राउण्ड केबिल बिछाने का काम फंस गया है. इससे भीषण गर्मी में ओवरलोडिंग, केबल फाल्ट के कारण आए दिन वास्तुखंड, विनम्रखंड, विराटखंड, विराजखंड, विनीतखंड, हासेमऊ, भरवारा, छोटी देवरिया समेत आसपास की करीब लाख आबादी को बिजली संकट झेलना पड़ता है।

बिजली विभाग सतरिख रोड ट्रांसमिशन सबस्टेशन से गोमगर के विराजखंड, लौलाई उपकेंद्र के लिए ओवरहेट लाइन, अंडरग्राउंड केबल बिछा रहा है, लेकिन किसान पथ के पास सिचाई विभाग की भूमि है, लेकिन विद्युत लाइन बिछाने के लिए लेसा को डेढ़ साल बाद भी एनओसी नहीं मिली।

ये हाल तब है, जबकि शासन के निर्देश पर नौं विभागों के अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण कर चुके हैं. इसके बावजूद अंतिम निर्णय नहीं निकला. विराजखंड उपकेंद्र का काम शुरू नहीं हो सका. लेसा के लौलाई उपकेंद्र को मलेशेमऊ ट्रांसमिशन उपकेंद्र से बिजली मिलती है. उपकेंद्र में 10-10 एमवीए लोड के पावर ट्रांसफार्मर लगे हैं. लेसा ने बेहतर सप्लाई के लिए सतरिख रोड ट्रांसमिशन से नई केबल बिछाने का काम शुरू किया. ढाई किमी केबल बिछ गई, लेकिन किसान पथ के पास सिंचाई विभाग की एनओसी न से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

कमिश्नर की बैठक से भी नहीं निकला समाधान
कमिश्नर ने 19 मार्च 2024 को सिंचाई विभाग और लेसा अधिकारियों के साथ बैठक में लेसा को निर्देश दिया कि किसान पथ के स्लोप पर पोल नहीं लगेंगे. जिस स्थल पर सिंचाई विभाग द्वारा पोल, लाइन निर्माण के लिए आपत्ति की जा रही है, वहां निरीक्षण कर लाइन डायग्राम हस्ताक्षर कर दिनों में दें. लेसा ने 23 मार्च 2024 को पुनरीक्षित डायग्राम सिंचाई विभाग भेज दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. अधीक्षण अभियंता इंजीनियर यदुनाथ राम ने को फिर मुख्य अभियंता सिंचाई-जल संसाधन को पत्र भी लिखा है।

इस प्रकरण में मध्यांचल विद्युत निगम लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने बताया है कि विराजखंड, लौलाई उपकेंद्र ओवरलोड है. सतरिख रोड ट्रांसमिशन से केबल बिछाई जा रही थी. एनओसी न मिलने से निर्माण अधूरा है. समाधान कराया जा रहा है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    RTI में खुला खेल! क्या विभाग अपने ही बनाए ‘गुप्त नियमों’ से चला रहा है व्यवस्था?

    आरटीआई के जवाब में चौंकाने वाला खुलासा—नियमावली में प्रावधान नहीं, फिर भी कर्मचारियों से कराया जा रहा काम! लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के एक आरटीआई जवाब ने…

    केस्को में स्मार्ट मीटर पोर्टल की समीक्षा, पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश

    सुश्री नेहा जैन ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि पोर्टल पर डेटा अद्यतन रखने के साथ-साथ रिपोर्टिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे स्मार्ट मीटर स्थापना की…

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights