शिकायतकर्ता का दावा—लाइनमैन, संविदा कर्मियों और विभागीय स्तर पर पैसे की मांग हुई; निष्पक्ष जांच की उठी मांग
प्रयागराज। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रयागराज क्षेत्र में नया घरेलू बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता अनुभवी श्रीवास्तव द्वारा अधिशासी अभियंता को दिए गए प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित ₹200 प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बावजूद बिजली कनेक्शन जारी नहीं किया गया और बाद में अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई।

शिकायत में कहा गया है कि सर्वेयर विवेक यादव द्वारा निरीक्षण के बाद 26 जुलाई 2026 को लाइनमैन राज तथा लाइनमैन धनंजय शिकायतकर्ता के घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों ने यह कहते हुए धनराशि की मांग की कि कनेक्शन जारी कराने के लिए एक बंडल केबल, लगभग ₹10,000 नकद, ₹5,000 अतिरिक्त तथा अन्य खर्च मिलाकर करीब ₹16,000 देने होंगे।
प्रार्थना-पत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि मकान की दूरी पोल से लगभग 50–60 मीटर होने के बावजूद अनावश्यक रूप से भारी भुगतान का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है, तो फिर अतिरिक्त राशि की मांग किस आधार पर की जा रही है।

मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि शिकायत पर विभागीय अधिकारियों द्वारा टिप्पणियां दर्ज कर जांच के लिए अग्रेषित किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच केवल फाइलों तक सीमित रहेगी या आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई होगी।
यूपीपीसीएल मीडिया के सवाल
- जब प्रोसेसिंग शुल्क ऑनलाइन जमा हो चुका था, तो अतिरिक्त रकम की मांग क्यों?
- यदि आरोप सही हैं, तो क्या यह नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का संकेत नहीं है?
- क्या विभाग शिकायत में नामित कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करेगा?
- क्या आम उपभोक्ता को बिना “सुविधा शुल्क” दिए समय पर बिजली कनेक्शन मिल पाना संभव है?
अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रार्थना-पत्र और दस्तावेजों में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारी या विभाग यदि अपना पक्ष प्रस्तुत करते हैं, तो उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








