ग्रामीणों का आरोप— 24 घंटे में 10 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली, जेई-एसडीओ पर फोन न उठाने का आरोप; विभाग बोला- “फॉल्ट के कारण होती है कटौती”
बलिया। पहली बारिश ने दुबहर विद्युत उपकेंद्र की तैयारियों की पोल खोल दी है। उपकेंद्र से जुड़े 64 गांवों के हजारों उपभोक्ता कई दिनों से भीषण बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें 24 घंटे में मुश्किल से 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
अगरैली, नीरपुर, सीताकुंड, बहादुरपुर, बसरिकापुर समेत दर्जनों गांवों में उमस और बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। रातभर बिजली गुल रहने से लोगों की नींद खराब हो रही है, जबकि पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दुबहर विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदार अधिकारी उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे। उनका कहना है कि जेई और एसडीओ से संपर्क करने पर फोन तक नहीं उठाया जाता, जिससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
लगातार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे और इनवर्टर जैसे घरेलू उपकरण भी खराब हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो वे विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
विभाग का पक्ष
इस मामले में दुबहर पावर हाउस के जेई महमूद अख्तर ने बताया कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली दी जा रही है। उनके अनुसार, बरसात के दौरान विभिन्न स्थानों पर फॉल्ट आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है।
UPPCL MEDIA अपील:
यदि आपके क्षेत्र में भी बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रांसफॉर्मर खराबी या अधिकारियों की लापरवाही से जुड़ी कोई समस्या है, तो तथ्य और फोटो/वीडियो के साथ हमें भेजें। सत्यापित तथ्यों के आधार पर आपकी आवाज़ संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।








