ऊ के मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक का मामला, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई; ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
मऊ। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के चरुईडीह गांव में पिछले 15 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गांव में धरना-प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगे बिजली के पोल और तारों में पिछले 15 दिनों से करंट नहीं आ रहा है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लगातार बिजली गुल रहने से पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, मोबाइल, इनवर्टर और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। “आज बन जाएगा, कल बन जाएगा” कहकर मामला टाल दिया गया, जबकि आज तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो वे तहसील मुख्यालय पहुंचकर बिजली विभाग का घेराव करेंगे और आंदोलन को और उग्र करेंगे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर चरुईडीह गांव की बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
UPPCL MEDIA सवाल उठाता है
आखिर 15 दिनों तक पूरा गांव अंधेरे में रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित रह गया है? यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त की जाती, तो ग्रामीणों को सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आती?








