⚡ बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई: वाराणसी के मुख्य अभियंता निलंबित

🔍 लापरवाही, तकनीकी अज्ञानता और समयबद्ध कार्यों में चूक पर तत्काल निलंबन
🗓️ रिपोर्ट : यूपीपीसीएल मीडिया ब्यूरो, वाराणसी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने विभागीय समीक्षा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बनारस के मुख्य अभियंता (द्वितीय क्षेत्र), वाराणसी को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्यों के प्रति उदासीनता, ईआरपी सॉफ्टवेयर की जानकारी न होना तथा आवश्यक परियोजनाओं में अनावश्यक देरी उनके निलंबन का मुख्य कारण बनी। समीक्षा बैठक के दौरान जब बिजली व्यवस्था की बदहाली पर सवाल पूछे गए, तो अभियंता उनके उत्तर देने में असफल रहे, यहां तक कि उन्हें विभागीय ERP सॉफ़्टवेयर के उपयोग का भी ज्ञान नहीं था।

🔴 चार्जशीट की कार्रवाई भी शुरू
बिजली आपूर्ति की समीक्षा बैठक के दौरान यह खुलासा हुआ कि बदलापुर क्षेत्र में विद्युत सुधार कार्य समय से पूरे नहीं हो सके। मुख्य अभियंता ने सामग्री की अनुपलब्धता का हवाला दिया, लेकिन जब उनसे ईआरपी सॉफ्टवेयर की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसका संचालन ही नहीं आता। इस लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को चार्जशीट जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं।

🛑 बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य
डॉ. गोयल ने सभी अभियंताओं को निर्देश दिया कि जुलाई से प्रत्येक कार्यालय में बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। किसी भी प्रकार की ढिलाई पर संबंधित मुख्य अभियंता को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।

⚠️ कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष निर्देश
अध्यक्ष ने आदेश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर 24 घंटे विद्युत कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। डीजे की ऊंचाई व बिजली लाइन सुरक्षा को लेकर प्रशासन से समन्वय बनाए रखें। सभी बिजली पोल, तार व ट्रांसफार्मरों की जांच अनिवार्य है। अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं।

🚨 आपूर्ति बाधित करने पर होगी बर्खास्तगी
डॉ. गोयल ने स्पष्ट कहा कि बिजली आपूर्ति में जानबूझकर बाधा डालने वालों को बर्खास्त किया जाएगा। आंदोलन की आड़ में आपूर्ति बाधित करने वाले अभियंताओं पर भी कड़ी कार्रवाई तय की गई है। काम नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत अब सख्ती से लागू किया जाएगा।

📞 कंट्रोल रूम और वैकल्पिक व्यवस्था लागू
राज्यभर में संभावित आंदोलनों को देखते हुए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं ताकि आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत लागू की जा सके।


🔴 ये रही बड़ी कार्रवाइयां:

  • मुख्य अभियंता निलंबित — कार्यों के प्रति लापरवाही और तकनीकी दक्षता की कमी पर सीधी कार्रवाई

  • ⚠️ अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता को चार्जशीट — परियोजनाओं की देरी और जवाबदेही तय

  • 🖐️ ERP सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं करने की स्वीकारोक्ति बनी आधार

  • 🗓️ 2024 में प्रस्तावित विद्युत सुधार कार्य अब तक अधूरे, सामग्री की कमी बताई गई पर तैयारी नहीं थी


🕒 सख्त निर्देश और नई व्यवस्था:

  • 📌 1 जुलाई से सभी मुख्य अभियंताओं के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

  • कार्ययोजना 2024-25 के सभी बिंदु तय समयसीमा में पूर्ण हों

  • 🚨 कांवड़ यात्रा मार्गों पर 24 घंटे विद्युत कर्मियों की तैनाती आवश्यक

    • ऊंचे डीजे या जुलूस दिखने पर बिजली लाइन सुरक्षा की तत्काल निगरानी

    • सभी खंभे, ट्रांसफॉर्मर, तारों की सुरक्षा जांच और समय पर सुधार

  • 📋 कांवड़ क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य


आपूर्ति बाधा पर Zero Tolerance नीति:

  • ⚠️ जानबूझकर बिजली ब्रेकडाउन या आपूर्ति बाधित करने पर सीधी बर्खास्तगी

  • 🛑 आंदोलन से प्रभावित क्षेत्रों के अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई तय

  • 💼 “काम नहीं तो वेतन नहीं” नीति सख्ती से लागू

  • 🧭 राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय, वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार

  • 🧾 जिलाधिकारियों को निर्देश जारी, किसी भी स्थिति से निपटने की रणनीति लागू


🔎 डॉ. गोयल का स्पष्ट संदेश:
“UPPCL में लापरवाही की कोई जगह नहीं। उत्तरदायित्व से भागने वालों को विभाग से बाहर किया जाएगा।”


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✍🏻 संवाददाता: यूपीपीसीएल मीडिया डेस्क
📍 स्थान: लखनऊ/वाराणसी

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