दस हजार देव के पोस्टपेड बिजली संयोजन चोरी छिपे हुए प्रीपेड… अब बिजली जलाने से पहले मीटर को करना पड़ेगा रिचार्ज

विभाग द्वारा इस प्रकार का कोई कदम उठाने के पूर्व “उपभोक्ता देवो भवः” का मर्यादा रखते हुए उपभोक्ता को विश्वास में लेना था…पहले उपभोक्ताओं को मीटर रीचार्ज करना और स्मार्ट ऐप इस्तेमाल करने का तरीका आदि की जानकारी देना था। स्मार्ट मीटर प्रीपेड करने से पहले स्मार्ट की व्योरा फीड करना था। लेकिन मध्यांचल डिस्कॉम ने बिना व्योरा फीड किए ही मीटर प्रीपेड करने शुरू कर दिए।

लखनऊ। मध्यांचल डिस्कॉम अन्तगर्त प्रदेश की राजधानी में लगभग दस हजार उपभोक्ताओं के पोस्टपेड बिजली संयोजन को प्रीपेड संयोजन में चोरी छिपे तरीके से परिवर्तित कर दिए गए हैं। हैरानी का विषय यह है कि यह वह उपभोक्ता है, जिनके यहां पर नए स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। ऐसे उपभोक्ताओं को अब बिजली जलाने से पहले प्रतिमाह मीटर को रिचार्ज करना पड़ेगा… इन सभी को अब विधुत आपूर्ति सुचारू पूर्वक पाने के लिए आगामी जुलाई माह से रिचार्ज करना पड़ेगा।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधकमेटी की हाई लेबल बैठक में पोस्टपेड उपभोक्ताओं के प्रीपेड में परिवर्तित करने के निर्णय के बाद बिना उपभोक्ताओ यानि कि बिना अपने देव को बताये यह कार्रवाई शुरू हुई है।

पोस्टपेड बिजली संयोजन को प्रीपेड संयोजन होने वाले अधिकतर देव (उपभोक्ता) रेजिडेंसी, चौक और ठाकुरगंज खंड के है, लेकिन अभी तक कंपनी ने इसका कोई विवरण नहीं दिया है। अचानक मीटर प्रीपेड होने का मिलने पर देव यानि कि उपभोक्ताओं ने 1912 पर शिकायत की है। इन उपभोक्ताओं के जमा हो पा रहे न ही मीटर रीचार्ज की जानकारी दी गई। विभाग द्वारा इस प्रकार का कोई कदम उठाने के पूर्व उपभोक्ता देवो भवः का मर्यादा रखते हुए उपभोक्ता को विश्वास में लेना था…पहले उपभोक्ताओं को मीटर रीचार्ज करना और स्मार्ट ऐप इस्तेमाल करने का तरीका आदि की जानकारी देना था। स्मार्ट मीटर प्रीपेड करने से पहले स्मार्ट की व्योरा फीड करना था। लेकिन मध्यांचल डिस्कॉम ने बिना व्योरा फीड किए ही मीटर प्रीपेड करने शुरू कर दिए। अब परेशान उपभोक्ता उपकेंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।

पोस्टपेड बिजली एवं प्रीपेड संयोजन में अन्तर
पोस्टपेड बिजली कनेक्शन का मतलब है कि आपको बिजली का बिल हर महीने बाद जमा करना होता है, जबकि प्रीपेड बिजली कनेक्शन का मतलब है कि आपको बिजली का बिल पहले ही जमा करना पड़ता है, जैसे कि मोबाइल फोन में रिचार्ज करने के बाद उपयोग करना. बिजली चोरी को रोकने और बिल न चुकाने वाले उपभोक्ताओं के लिए, पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड कनेक्शन में बदला जा सकता है, जिससे उपभोक्ता बिल जमा करने के बाद ही बिजली का उपयोग कर पाएंगे।

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