दिल वाली इमोजी, महिला कर्मचारी को लव यू-मिस यू के मैसेज… रंगीले इंजीनियर साहब की करतूत आई सामने

बरेली के बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता महावीर सिंह पर रिश्वत लेने और महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित चैट करने के गंभीर आरोप लगे हैं. पहले 500-500 रुपये की गड्डियां लेते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ था, अब उनके अश्लील चैट का स्क्रीनशॉट सामने आया है. उत्तर प्रदेश के बरेली के बिजली विभाग में तैनात अधिशासी अभियंता महावीर सिंह एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं. पहले उन पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था, और अब उन पर महिला कर्मचारियों से अशोभनीय और आपत्तिजनक चैट करने का गंभीर आरोप लगा है. इस पूरे मामले से विभाग की छवि पर गलत असर पड़ा है.

बरेली। Power Corporation के रंगीन मिजाज अधिशासी अभियंता आजकल खूब सुर्खियां बटोरने में लगे हैं। कुछ दिन पहले ही उनका पांच-पांच सौ के नोटों की गड्ढी लेते वीडियो वायरल हुआ था। अब उनके रंगीन मिजाजी के किस्से पूरे प्रदेश में सार्वजनिक हो गए हैं, जिनमें वह महिला कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ इश्क लड़ा रहे हैं। उनकी व्हाट्सएप चैट वायरल होने पर विभाग में उनकी काफी फजीहत हो रही है।

नगरीय क्षेत्र के 33 केवीए वर्टिकल अधिशासी अभियंता महावीर सिंह ने होशियारी दिखाते हुए अपने कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जिसमें वह खुद ही एक व्यक्ति से पांच-पांच सौ रुपये की दो गड्ढियां लेते हुए कैद हो गए थे। हालांकि अधिशासी अभियंता ने इस मामले पर पर्देदारी करने की कोशिश की। सफाई दी कि जो पैसा उन्होंने लिया था वह Power Corporation के प्रतिष्ठित गुरुजी के यहां होने वाले अनुष्ठान के लिए था मगर यह बात किसे के गले नहीं उतरी।

दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें महावीर सिंह को 500-500 रुपये की दो गड्डियां लेते हुए साफ देखा गया. यह वीडियो उनके कार्यालय, 33 केवीए वर्टिकल ऑफिस, नगरीय क्षेत्र का बताया गया था. जब इस पर सवाल उठे, तो उन्होंने सफाई दी कि ये पैसे किसी गुरुजी के अनुष्ठान के चढ़ावे के लिए लिए जा रहे थे. लेकिन न जनता ने यह सफाई मानी और न ही विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया. मामला जांच में जरूर गया पर कार्रवाई नहीं हुई।

रंगीन मिजाज अधिशासी अभियंता एक मुसीबत से निकल नहीं पाए तब तक दूसरी ने दी दस्तक

एक व्यक्ति से रुपये लेते वायरल हुई सीसीटीवी फुटेज का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अधिशासी अभियंता महावीर सिंह नए विवाद में घिर गए हैं। हालांकि विवादों से उनका पुराना नाता रहा है लेकिन एक के बाद एक नए किस्से सामने आने से उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विभाग में चर्चा है कि आजकल साहब के ग्रह सही नहीं चल रहे। गुरुजी की शरण में जाने के बाद ही कुछ हल निकलेगा।

महिला कर्मचारियों को भेजा आई लव यू का मैसेज
अब महावीर सिंह पर एक और गंभीर आरोप लगा है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक, महिला कंप्यूटर ऑपरेटरों को रोज गुड मॉर्निंग और गुड इवनिंग के मैसेज भेजने का दबाव बनाते थे. बाद में उन्होंने खुद लव यू ‘मिस यू’ और ‘दिल वाली इमोजी’ भेजना शुरू कर दिया. यह व्यवहार देखकर महिलाएं असहज हो गईं और उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की. महिला कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल के कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दी थी. जांच का आदेश भी दिया गया, लेकिन मामला फाइलों में दबा रह गया. इससे यह सवाल उठने लगे कि क्या विभाग महावीर सिंह को बचाने की कोशिश कर रहा है?

व्हाट्सएप चैट वायरल होने पर खुली पोल
पूरा मामला तब सामने आया जब एक दिन महावीर सिंह दफ्तर में अपना व्हाट्सएप खुला छोड़कर बाहर चले गए. उसी समय किसी ने अश्लील चैट का स्क्रीनशॉट ले लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. चैट में आई लव यू, इलू-इलू जैसे मैसेज देखे गए जो विभाग की छवि को और खराब कर गए. चैट वायरल होते ही विभाग के सीनियर अधिकारी हरकत में आ गए और महावीर सिंह से स्पष्टीकरण मांगा. जांच भी शुरू कर दी. जानकारी के मुताबिक, यह मामला अब लखनऊ तक पहुंच गया है और शासन ने भी रिपोर्ट तलब की है।

लड़कियों से बोले- रोज गुड मार्निंग-गुड इवनिंग के भेजा करें मेसेज
बताते हैं कि अधिशासी अभियंता महावीर सिंह ने कार्यालय में काम करने वाली महिला कंप्यूटर ऑपरेटरों को स्पष्ट चेतावनी दे रखी थी कि अगर नौकरी करनी है तो रोजाना उन्हें गुड मॉर्निंग और गुड इवनिंग के मेसेज व्हाट्सएप पर भेजा करें। जब लड़कियों ने मेसेज भेजने शुरू किए तो साहब ने दिल वाली इमोजी भेजनी शुरू कर दी। इसके बाद उनकी रंगीन मिजाजी बढ़ती चली गई और इलू-इलू करते हुए सारी हदें पार करते चले गए। हालांकि लड़कियों ने उनके मेसेज को ज्यादा तवज्जो नहीं दी लेकिन असहज जरूर महसूस करने लगीं।

विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी
इस पूरे मामले से विभाग के ईमानदार कर्मचारियों में नाराजगी है. उनका कहना है कि कुछ अधिकारियों की हरकतों से पूरे विभाग की साख खराब हो रही है. अब सभी की नजर इस पर है कि क्या विभाग और शासन इस बार कोई सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला फिर से दबा दिया जाएगा।

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