पावर कारपोरेशन की सहारनीय पहल : सेंसर युक्त हेलमेट से नहीं जायेगा विद्युत लाइनों और पोलों पर कार्य करने कर्मियों की जान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने विद्युत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सेंसर लगे हेलमेट की व्यवस्था की है। ये हेलमेट 1.9 मीटर पहले बता देंगे कि लाइनों में करेंट है, जिससे हादसों की संख्या कम होगी। पावर कारपोरेशन अपने कर्मचारियों के साथ होने वाली दुर्घटना से बचाव के लिए वोल्टेज सेंसर युक्त हेलमेट खरीदा गया है, जिसे लगाने से कार्य करने के दौरान कर्मचारियों को करंट नहीं लगेगा।

बिजली निगम ने अपने लाइनमैन व अधिकतर समय बिजली के संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों को वोल्टेज सेंसर युक्त हेलमेट उपलब्ध कराए हैं, ताकि लाइन में करंट होने की जानकारी के अभाव में किसी कर्मचारी को अपनी जान से हाथ न धोना पड़े।

बिजली निगम ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को वोल्टेज सेंसर युक्त हेलमेट दिए हैं। इन हेलमेट में लगा सेंसर कर्मचारी को किसी भी लाइन में करंट होने और न होने की जानकारी प्रदान करेगा। करंट होने की दशा में कर्मचारी अलर्ट होगा और हादसों से बचा जा सकेगा। बिजली लाइन का मेंटिनेंस करते समय लाइन चालू होने की जानकारी न होने के कारण अनेक बार बिजलीकर्मी ही हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं।

बताते चले कि पावर कारपोरेशन में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं अनुरक्षण कार्य करने के दौरान विद्युत लाइनों और पोलों पर कार्य करते समय होती हैं, जिसे रोकने के लिए पावर कारपोरेशन ने ऐसा हेलमेट खरीदा गया है, जिसमें सेंसर लगा हुआ है… इस कारण सेंसर 1.9 मीटर की दूरी से ही बिजली चालू है इसकी सूचना सीटी बजाकर देने लगेगा, जिससे कर्मचारियों को पता चल जाएगा कि लाइनों में करंट प्रवाहित है। हेलमेट पर टार्च भी लगा रहेगा, जिससे रात के समय भी काम करने में आसानी होगी। इसके अलावा विभाग की तरफ से कर्मचारियों के लिए रेडियम जैकेट, करंट अवरोधी जूते, विद्युत अवरोधी हाथ के ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट, अर्थिंग चेन तथा सीढ़ी आदि की व्यवस्था कराई गई है।

इस सन्दर्भ में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सभी डिस्कॉम में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि संविदाकर्मी सुरक्षा उपकरणों के साथ कार्य करें। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मियों और संस्थाओं दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।

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