आकाशीय बिजली के प्रभाव से खराब हुए स्मार्ट मीटर को बदलवाने के लिए उपभोक्ता लगा रहे उपकेंद्र का चक्कर, 700 से अधिक हुए प्रभावित

वाराणसी। मानसून की बारिश के साथ लगातार कड़क और गिर रही आकाशीय बिजली के कारण इसका असर बिजली के सामानों के साथ ही साथ बिजली के स्मार्ट मीटर के ऊपर भी पड़ रहा है।। इससे परेशान लोग मंगलवार रात तक जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय तक चक्कर लगाते रहे। इसके बाद कई उपभोक्ताओं के घरों में डायरेक्ट या फिर सामान्य मीटर लगाकर सप्लाई चालू की गई। फिर भी 330 उपभोक्ताओं की बिजली चालू नहीं हो सकी। वहीं परीक्षण खंड के अभियंताओं के मुताबिक आकाशीय बिजली गिरने से स्मार्ट मीटर में तकनीकी खराबी आ गई। इससे मीटर के सिम ने काम करना बंद कर दिया और आउटगोइंग सप्लाई बंद हो गई। आंकड़ों की और माने तो अकेले बुधवार को 400 शिकायतें मीटर खराब होने की दर्ज कराई गई है।

एलएंडटी कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दर्ज हुई शिकायत
विकास की तरफ अग्रसर वाराणसी में बिजली का मीटर स्मार्ट हो गया है। ऐसे में बारिश में इस मीटर से उपभोक्ता परेशान हैं। बुधवार को देर शाम आकाशीय बिजली कड़कने और गिरने से कई स्मार्ट मीटर खराब होने की शिकायत एलएंडटी कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दर्ज हुई है। अकेले बुधवार को 400 मीटर ख़राब होने की शिकायतें मिली हैं।

दो दिन में खराब हुए 330 मीटर
बुधवार को 400 शिकायत के बाद गुरुवार को 150 और शुक्रवार को 180 शिकायतें दर्ज हुई। एलएंडटी कर्मियों के अनुसार बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्देशित कर जल्द से जल्द मीटरों को सही करने का निर्देश दिया है। वहीं मीटर खराब होने की वजह से बिना बिजली के परेशान उपभोक्ता बिजली कार्यालय का चक्कर लगाते दिखे।

बंद हुई है आउटगोइंग सप्लाई
परीक्षण खंड के इंजीनियर्स के अनुसार बिजली गिरने और कड़कने से स्मार्ट मीटर पर असर आया है। क्योंकि यह पूरा डिजिटल है इसलिए इसे नुकसान हुआ है। बिजली गिरने से इसकी आउटगोइंग बंद हो गई है। ऐसे में लाईट मीटर तक आ रही है पर सप्लाई नहीं हो पा रही है। लोगों ने अपने इलाके के बिजली उपकेंद्र पर सूचना देकर डायरेक्ट लाइट जोड़ ली है।

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन

    बीकेटी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार को लेकर जनप्रतिनिधि की अधिकारियों संग बैठक, नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन 173 स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नए फीडर, निर्बाध…

    विधायक डॉ. नीरज बोरा को बिजली विकास कार्यों की दी गई विस्तृत जानकारी, बिजनेस प्लान और RDSS परियोजनाओं की हुई समीक्षा

    बिजनेस प्लान 2025-26 के कार्यों की प्रगति और 2026-27 की योजनाओं पर हुई चर्चा, उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों से कराया अवगत लखनऊ। दिनांक 14 जुलाई 2026 को लखनऊ उत्तर…

    फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

    फर्जी आवेदक बनकर इंजीनियरों को फंसाने वाला कथित ब्लैकमेल गैंग बेनकाब! मसौली पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे दो आरोपी, अब खुलेगा ‘फर्जी पत्रकारिता’ का खेल?

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    75 KW का जबरन कनेक्शन, 5 लाख का बिल और कटी हुई लाइन! कुशीनगर में किसके इशारे पर चल रहा बिजली विभाग का खेल?

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    सुबह 4 बजे बिजली चोरों पर छापा, रेड टीम की बड़ी कार्रवाई

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    ⚡ गोरखपुर में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, स्मार्ट मीटर से लेकर नंगे तारों तक उठे सवाल

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    संविदाकर्मी पर मेहरबानी या सिस्टम की मिलीभगत? जानकीपुरम में ‘डुअल रोल’ का बड़ा खेल उजागर

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल

    गोंडा में हाईटेंशन तार बना मौत का जाल: 10 साल की अनदेखी ने ली पत्रकार की जान, यूपीपीसीएल की लापरवाही पर उठा बड़ा सवाल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights