बिछिया (उन्नाव)। उन्नाव जिले के लोकनगर मोहल्ले में रविवार सुबह करीब 5 बजे करंट की चपेट में आने से एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के दौरान एक विद्युत लाइन में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही गाय उसकी चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लोकनगर में लंबे समय से खुले बिजली के तार और जर्जर विद्युत व्यवस्था लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद बिजली विभाग ने केवल औपचारिक कार्रवाई की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया। लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में पहले भी तारों में करंट उतरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा ‘भानू’ ने बताया कि खुले तारों की समस्या से बिजली विभाग को पहले ही अवगत कराया गया था। उन्होंने तारों की टेपिंग और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि बारिश के दौरान खुले तारों में करंट आने से इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। हादसे के बाद नगर पालिका ने मृत गाय को मौके से हटवाने की व्यवस्था कराई।
पशुपालन अधिकारी विनोद कुमार ने घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों से बात कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इतनी गंभीर लापरवाही कैसे हुई।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने समय रहते जर्जर तारों और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो भविष्य में किसी इंसान की जान भी जा सकती है। लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पूरे क्षेत्र की विद्युत लाइनों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
UPPCL MEDIA सवाल
- क्या लोकनगर में खुले और जर्जर बिजली तारों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की गई थी?
- यदि शिकायतें पहले से दर्ज थीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थायी समाधान क्यों नहीं किया?
- बारिश के मौसम से पहले संवेदनशील क्षेत्रों का सुरक्षा निरीक्षण क्यों नहीं कराया गया?
- क्या इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र की विद्युत लाइनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा?








