वाराणसी/लखनऊ | विशेष संवाददाता
ऊर्जा विभाग में भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्युत सेवा आयोग की परीक्षा में कथित तौर पर “सॉल्वर” के जरिए परीक्षा पास कर नौकरी पाने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद विभागीय हलकों में खलबली मच गई है। मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जेई और एक तकनीशियन को निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में सामने आया कि परीक्षा के दौरान असली अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने का आरोप है। मामला उजागर होते ही उच्च स्तर पर जांच शुरू हुई, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।
⚡ जांच का दायरा बढ़ा
बताया जा रहा है कि यह मामला केवल दो कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच के दायरे में कई अन्य तकनीशियन भी शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बायोमैट्रिक सत्यापन और परीक्षा रिकॉर्ड की जांच में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।
⚡ विभाग की सख्त कार्रवाई
ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे भर्ती तंत्र की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
⚡ बड़ा सिंडिकेट होने की आशंका
विभागीय गलियारों में चर्चा है कि यदि जांच और गहराई तक गई तो भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
🎯 यूपीपीसीएल मीडिया का सवाल
जब भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, तो फिर ऐसे मामलों में सेंध कैसे लग जाती है? क्या सिस्टम में अंदरूनी मिलीभगत है या निगरानी तंत्र पूरी तरह कमजोर पड़ गया है?
यूपीपीसीएल मीडिया इस पूरे मामले की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।







