संविदाकर्मी राजू की दर्दनाक मौत प्रकरणः मुख्य अभियन्ता सुशील गर्ग के प्रिय अवर अभियन्ता को बचाने हेतु दूध मे से मक्खी की तरह निकाल फेका

बीते 29 मई 2025 को लगभग रात्रि 12 बजे 11 हजार की विद्युत लाइन पर बिना सेफ्टी किट के कार्य कर रहे अकुशल संविदाकर्मी राजू की दर्दनाक मौत हो गई थी, यह हादसा इंदिरानगर डिवीजन अंतर्गत आने वाले महिला पॉलिटेक्निक पावर हाउस पर था। गिरने के उपरान्त आनन फानन में साथ के लोग उन्हें तुरंत लोहिया अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार की रात्रि करीब 3ः00 बजे दम तोड़ दिया। हैरानी का विषय यह था कि हादसे के उपरांत ना तो कंपनी क्यूसा कॉर्प लिमिटेड का कोई प्रतिनिधि अथवा मजदूर यूनियन का कोई पदाधिकारी इस दर्दनाक हादसे के उपरांत सांत्वना देने अथवा आर्थिक मदद देने नहीं आया। 

सम्बन्धित समाचार पढ़ने के लिए फोटो को क्लिक करे
सम्बन्धित समाचार पढ़ने के लिए फोटो को क्लिक करे…

देखने में सब कुछ एक अचानक घटित हादसा नजर आ रहा था, लेकिन इन सब के बीच “यूपीपीसीएल मीडिया” ने इस प्रकरण में पूरा ठीकरा दूसरे पावर हाउस सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के अवर अभियंता आशीष कुमार पर फोड़ते हुए लॉक शीट पर बिना जिक्र किये पॉलिटेक्निक पावर हाउस से शटडाउन लेकर लाइन शिफ्ट करने का आरोप लगाते हुए सम्पूर्ण मामले की उच्च स्तरीय जॉच कराने की मांग ली… लेकिन उच्च स्तरीय जॉच कराने के तरीके को लेकर  मुख्य अभियंता सुशील गर्ग कितने महान हैं कि इतना भी इस विषय में गुणगान किया जाए उतना ही कम है…

“यूपीपीसीएल मीडिया” द्वारा आरोप सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के अवर अभियंता आशीष कुमार पर लगते ही सभी अधिकारी सदमें में आ गये… हर कोई जानता था कि अवर अभियंता आशीष कुमार मुख्य अभियन्ता सुशील गर्ग के बहुत प्रिय है। शायद यहीं कारण था कि मुख्य अभियन्ता सुशील गर्ग ने अपने कार्यालय में साफ-साफ निर्देशित कर दिया था कि “यूपीपीसीएल मीडिया” द्वारा प्रकाशित कोई भी न्यूज कटिंग ‘‘कटिंग फाइल’’ में नहीं लगेगी… क्योंकि उसके द्वारा पूछे गये सवाल का जबाब हमारे पास नहीं है। इसके उपरान्त भी “यूपीपीसीएल मीडिया” ने प्रबन्ध निर्देशक, मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता व अधिशासी अभियन्ता के सीयूजी नम्बर पर प्रकाशित समाचार पत्र की कटिंग व्हाट्सप्प कर जॉच कराने की मांग की गई।

“यूपीपीसीएल मीडिया” के अनुसार घटना के दिन ही सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के अवर अभियंता आशीष कुमार द्वारा दोपहर 12ः00 के आसपास कोई आवश्यक कार्य करने के लिए पॉलिटेक्निक पावर हाउस से शटडाउन लिया था, लेकिन लॉक शीट पर इसका कोई जिक्र नहीं है… आखिर क्यों? दबी जवान में कुछ संविदा कर्मी कहते हैं कि सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के अवर अभियंता आशीष कुमार सेक्टर 12 का लोड डालने के संदर्भ में यह शट डाउन लिया गया था, लेकिन लॉकशीट पर अंकित न होने के कारण कार्य करने वाले संविदा कर्मी को यह ज्ञात नहीं हो पा रहा था कि कौन सी लाइन कहां पर है किस फीडर का लोड है? यहीं कारण है कि मृतक ने अपनी जानकारी के अनुसार कार्य करने के पूर्व शटडाउन तो लिया, लेकिन इसके उपरान्त भी सप्लाई चल रही थी, जिसके सम्पर्क में आने ही यह हादसा हो गया। इस विषय पर “यूपीपीसीएल मीडिया” टीम की जांच जारी है, जल्दी इसका खुलासा होगा कि आखिर क्यों चोरी छुपे बिना लॉकशीट पर अंकित कराये शटडाउन दे दिया गया, इस दौरान क्या और क्या काम हुए…? वह जानना महत्वपूर्ण है… और इस कार्य के उपरान्त ही रात्रि दुर्घटना हुई है…

लेकिन सच तो कड़वा होता है, इस लिए सभी उक्त अधिकारी को इस प्रकरण में मिर्ची लगनी शुरू हो गई, इस लिए जॉच करना तो दूर की बात है बिना किसी कारण घटना के आरोपी सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के अवर अभियंता आशीष कुमार पर कोई कारवाई न करके सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के उपखण्ड अधिकारी अजय कुमार को दूध मे से मक्खी की तरह निकाल फेका।

सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस पर कार्यरत उपखण्ड अधिकारी अजय कुमार इसके पूर्व अवर अभियन्ता के रूप में बाराबंकी ट्रांसमिशन में तैनात थे, प्रमोशन उपरान्त 21 नम्बर 2024 को अजय कुमार को सेक्टर 14 ओल्ड पावर हाउस के उपखण्ड अधिकारी के रूप में तैनात किया गया… और एक अवर अभियन्ता को बचाने के क्रम में मात्र सात माह में ही न सिर्फ दूध मे से मक्खी की तरह निकाल फेका… बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन से हटाकर परीक्षणशाला चिनहट में नए सिरे से अनुभव लेने के तौर पर सहायक अभियंता के तौर पर भेज दिया..

  • UPPCL MEDIA

    "यूपीपीसीएल मीडिया" ऊर्जा से संबंधित एक समाचार मंच है, जो विद्युत तंत्र और बिजली आपूर्ति से जुड़ी खबरों, शिकायतों और मुद्दों को खबरों का रूप देकर बिजली अधिकारीयों तक तक पहुंचाने का काम करता है। यह मंच मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों की गतिविधियों, नीतियों, और उपभोक्ताओं की समस्याओं पर केंद्रित है।यह आवाज प्लस द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंच है और यूपीपीसीएल का आधिकारिक हिस्सा नहीं है।

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    ⚡ 40 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE और संविदाकर्मी गिरफ्तार

    एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, विभाग में खलबली संवाद सूत्र, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए…

    राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

    नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश के…

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल-बिना अफसर—बिना आदेश—खुद बन बैठे ‘चेकिंग अधिकारी’

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    बिजली चोरी निरोधक थाने के इंस्पेक्टर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    EXCLUSIVE — यूपीपीसीएल का “मीटर माफिया” कांड! अमेठी में फूटी बिजली व्यवस्था की पोल – मीटर, केबिल समेत पूरा सेटअप गायब!

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल

    तत्कालीन जेई-लाइनमैन के फर्जी केस का भंडाफोड़ — कोर्ट ने 17 साल बाद खोला विभागीय खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights